नई दिल्ली, 25 अगस्त।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सुस्त और कमजोर संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर वैश्विक कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार टेक्नोलॉजी शेयरों में बिकवाली के कारण भारी दबाव में रहे और प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि डाउ जोन्स फ्यूचर्स मामूली बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा है। यूरोपीय बाजार पिछले सत्र के अंत में मिले-जुले रुझान दिखाते हुए बंद हुए, जहां कुछ सूचकांक चढ़े तो कुछ में गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एशियाई शेयर बाजारों में आज शुरुआत से ही मंदी का माहौल छाया हुआ है। एशिया के अधिकतर प्रमुख सूचकांक लाल निशान के दायरे में कारोबार कर रहे हैं, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। निक्केई और स्ट्रेट्स टाइम्स जैसे कुछ सूचकांकों को छोड़कर अधिकांश एशियाई बाजार गिरावट के साथ फिसलते नजर आ रहे हैं। ताइवान और कोस्पी जैसे बाजारों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
गिफ्ट निफ्टी समेत अन्य एशियाई मार्केट दबाव के चलते कमजोर स्थिति में कारोबार कर रहे हैं। जानकारों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी शेयरों में आई कमजोरी और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण दुनियाभर के शेयर बाजारों में यह सुस्ती छाई हुई है, जिससे आने वाले सत्रों में भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।















