चित्रकूट, 26 अगस्त।
धार्मिक नगरी चित्रकूट के श्रीरघुवीर मंदिर, बड़ी गुफा, जानकीकुंड में श्रावण झूला उत्सव भक्ति और लोक संस्कृति के रंगों के साथ आयोजित किया जा रहा है। परमहंस संत रणछोड़दास महाराज द्वारा शुरू की गई परंपरा के अनुसार पूर्णिमा तक चलने वाले पांच दिवसीय उत्सव में देशभर से पहुंचे लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो रहे हैं।
उत्सव के शुरुआती दो दिनों में ही 100 से अधिक लोक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन कर चुके हैं। पांच दिवसीय आयोजन में 300 से अधिक कलाकार लोकगीत, झूला गीत और ग्रामीण लोक संस्कृति पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। विभिन्न क्षेत्रों से आए कलाकारों की प्रस्तुतियां आने वाले दिनों में भी श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
झूला उत्सव के साथ श्रीराम संस्कृत महाविद्यालय के गुरुकुल विद्यार्थियों द्वारा धार्मिक और पौराणिक प्रसंगों पर आधारित सजीव झांकियां भी प्रस्तुत की जा रही हैं। विद्यार्थियों ने श्रीराम-भरत मिलाप, सीता स्वयंवर, हस्तिनापुर की राजसभा और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों को अभिनय के माध्यम से जीवंत किया।
इसके अलावा पद्मश्री स्वर्गीय डॉ. बीके जैन के जीवन और सेवा कार्यों पर आधारित झांकी भी लोगों का ध्यान खींच रही है। इन प्रस्तुतियों के जरिए धार्मिक, ऐतिहासिक और सामाजिक विषयों को प्रभावी रूप से दर्शाया जा रहा है।
उत्सव को लेकर श्रीरघुवीर मंदिर परिसर को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। झूले पर विराजमान युगल सरकार के दर्शन के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं। शाम के समय मंदिर परिसर भक्ति और उत्सव के माहौल से और भी मनमोहक हो जाता है।
आयोजन समिति के अनुसार, झूला उत्सव के कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक आयोजित किए जा रहे हैं। समिति ने श्रद्धालुओं से सपरिवार पहुंचकर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों, गुरुकुल विद्यार्थियों की झांकियों और युगल सरकार के दर्शन का लाभ लेने की अपील की है।
पांच दिवसीय आयोजन में लोक परंपरा, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है।















