भोपाल, 26 अगस्त।
रहवासी क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ भोपाल नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को वार्ड-58 के गौतम नगर में आवासीय भवन में चल रहे होटल को निगम की टीम ने सील कर दिया।
नगर निगम के अनुसार, भवन स्वामी को पहले ही व्यावसायिक गतिविधि बंद करने और भवन को मूल स्वरूप में लाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद भी होटल का संचालन जारी रहने पर निगम ने यह कार्रवाई की।
निगम ने बताया कि शुभेंदु उपाध्याय द्वारा आवासीय क्षेत्र में आवश्यक अनुमति के बिना ओयो होटल संचालित किया जा रहा था। इस संबंध में मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत सूचना पत्र जारी किए गए थे। 24 अगस्त को धारा 303 के तहत अंतिम सूचना देकर व्यावसायिक गतिविधि बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
निर्धारित समय के बाद भी गतिविधि बंद नहीं होने पर बुधवार को भवन अनुज्ञा शाखा, राजस्व शाखा और अतिक्रमण शाखा की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और होटल में तालाबंदी कर दी। कार्रवाई के दौरान गोविंदपुरा पुलिस बल भी मौजूद रहा।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि रहवासी क्षेत्रों में बिना अनुमति या स्वीकृत भू-उपयोग के विपरीत चल रही व्यावसायिक गतिविधियों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वाले भवन स्वामियों पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
इधर, निगम की कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने भी अपनी आवाज उठाई। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष गोविंद गोयल के नेतृत्व में व्यापारी मिंटो हॉल परिसर में पहुंचे और गांधी प्रतिमा के सामने प्रार्थना सभा कर रामधुन गाई।
व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से संचालित दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने की बात कही।
इससे पहले भी व्यापारी निगम की कार्रवाई के खिलाफ कई स्थानों पर प्रदर्शन कर चुके हैं। वहीं, रहवासी संगठन भी आवासीय इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों के विरोध में सक्रिय हैं। उनका कहना है कि इससे शोर, भीड़, यातायात दबाव और सुरक्षा से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं।
रहवासियों की ओर से बुधवार शाम पांच नंबर मार्केट क्षेत्र में कैंडल मार्च भी प्रस्तावित है। उनका कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में कारोबार को नियंत्रित किया जाना चाहिए और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के बाद निगम की कार्रवाई तेज होने की बात सामने आ रही है। निगम शहरभर में भवनों के उपयोग को लेकर सर्वे भी कर रहा है। मुख्य मार्गों, गलियों, नदी-तालाब क्षेत्रों, ग्रीन बेल्ट और अन्य संवेदनशील इलाकों में संचालित गतिविधियों की जांच की जा रही है।
निगम की सख्ती के बाद अवधपुरी, अयोध्या बायपास, गौतम नगर, अशोका गार्डन और लालघाटी जैसे क्षेत्रों में कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। कई व्यापारी वैकल्पिक स्थान तलाशने में जुटे हैं।















