साहब की ठसक ऐसी कि बिना इजाजत परिंदा भी आसपास न फटके। आम आदमी फरियाद लेकर पहुंचने में पसीना बहाता है, लेकिन पिछले दिनों सत्ताधारी दल से जुड़े कुछ युवकों ने साहब के दफ्तर में घुसकर शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसा सब कुछ कर दिया। सत्ता का साथ हो तो साहब भी खून का घूंट पीकर रह गए।















