भोपाल, 26 अगस्त।
मध्य प्रदेश में रक्षाबंधन, बलराम जयंती और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने आयोजन को लेकर संबंधित विभागों, संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी किए हैं।
रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस अवसर पर सामाजिक रिश्तों के साथ प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए ‘एक राखी एक संकल्प’, ‘रक्षासूत्र एक राखी एक रिश्ता’ और ‘पेड़ को राखी-प्रकृति से भाईचारा’ जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए प्रकृति संरक्षण से जुड़ी कहानी और चित्रकला प्रतियोगिताएं भी होंगी। मुख्यमंत्री निवास पर भी पर्व के अनुरूप आयोजन किए जाएंगे।
बलराम जयंती के अवसर पर 2 सितंबर को बलराम कृषि महोत्सव आयोजित होगा। इसमें पारंपरिक कृषि कलाओं की प्रस्तुतियों के साथ आधुनिक कृषि उपकरणों, बीज और प्राकृतिक खेती पर आधारित प्रदर्शनी एवं संवाद कार्यक्रम होंगे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को प्रदेशभर में उत्साह के साथ मनाई जाएगी। स्कूलों में मटकी प्रतियोगिता, बांसुरी वादन, जीवंत झांकी निर्माण, श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों पर भाषण प्रतियोगिता और बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रदेश के जिलों में कृष्ण मंदिरों, मठों और देवालयों का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता अभियान, मटकी सज्जा, मटकी फोड़ प्रतियोगिता, भजन गायन, बांसुरी वादन, झांकी प्रदर्शन, दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक आरती जैसे आयोजन होंगे।
प्रदेश के करीब 81 प्रमुख श्रीकृष्ण मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर भजन, कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन के माध्यम से सांस्कृतिक दलों और भजन मंडलियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री निवास में 4 सितंबर को विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें भक्ति गायन, लोकनृत्य और मटकी फोड़ कार्यक्रम होंगे। एक हजार से अधिक बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में तैयार कर कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
29 अगस्त से 4 सितंबर तक बच्चों के लिए विशेष पोषण और स्वास्थ्य शिविर भी लगाए जाएंगे। आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों के लिए विशेष भोजन व्यवस्था की जाएगी।
भोपाल में सात दिवसीय श्रीरासलीला समारोह आयोजित होगा। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, धार, रायसेन, देवास, पन्ना, शहडोल, उमरिया, मंडला, गुना, ग्वालियर, नीमच और मंदसौर सहित कई स्थानों पर श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों पर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
जनजातीय क्षेत्र के छात्रावासों और आश्रम शालाओं में भी भजन प्रतियोगिता, श्रीकृष्ण वेशभूषा और चित्रकला जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। गौशालाओं में साफ-सफाई, गौपूजन, गौ-रक्षासूत्र और स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाए जाएंगे।















