नई दिल्ली, 26 अगस्त।
टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू आगामी एशियाई खेलों में देश के लिए पदक हासिल करने के उद्देश्य से कड़ी मेहनत में जुटी हुई हैं। जापान के आइची-नागोया में सितंबर में होने वाली इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता से पहले वे स्वयं को हर प्रकार की चोट से दूर रखते हुए पूरी तरह फिट रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
अपनी फिटनेस और प्रशिक्षण को बेहतर बनाए रखने के लिए वे हर सप्ताह अमेरिकी विशेषज्ञ डॉ. आरोन हॉर्शिग से वीडियो कॉल पर चर्चा करती हैं। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के बाद भी उन्होंने विश्राम नहीं लिया और मोदीनगर में अपने लंबे समय के कोच विजय शर्मा के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास कर रही हैं। उन्होंने प्रण लिया है कि एशियाई खेलों में पदक हासिल किए बिना वे अपने घर मणिपुर वापस नहीं लौटेंगी।
मीराबाई के शानदार खेल करियर में एशियाई खेलों का पदक अभी तक बाकी है, क्योंकि चोट के कारण वे 2018 के खेलों में शामिल नहीं हो सकी थीं और 2022 में चौथे स्थान पर रही थीं। हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में 48 किग्रा वर्ग में कुल 190 किग्रा वजन उठाकर रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतने के बावजूद उनका मानना है कि असली चुनौती आगे आने वाली है।
जापान में आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता में उन्हें चीन, उत्तर कोरिया, जापान और थाईलैंड की महिला खिलाड़ियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है। पांच सदस्यीय भारतीय भारोत्तोलन टीम की अगुवाई कर रहीं मीराबाई 22 से 28 सितंबर तक तोकाई सिटीजन जिम्नेजियम में आयोजित होने वाली स्पर्धाओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।















