भुवनेश्वर, 26 अगस्त।
भगवान जगन्नाथ पर आधारित प्रस्तावित एनिमेटेड फिल्म और सीरियल ‘जय जगन्नाथ’ को लेकर विवाद बढ़ गया है। पुरी स्थित गोवर्धन मठ के जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने इसमें भगवान जगन्नाथ के कथित विकृत चित्रण को लेकर आपत्ति जताई है।
गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव के आवासीय कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य ने भुवनेश्वर की एली एनिमेशंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा तैयार की जा रही एनिमेटेड प्रस्तुतियों पर चिंता व्यक्त की है। इसके बाद मुक्तिमंडप पंडित सभा ने शंकराचार्य के निर्णय से गजपति महाराजा को अवगत कराया।
शंकराचार्य ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित भगवान जगन्नाथ के ‘दारु ब्रह्म’ स्वरूप को बदलकर प्रस्तुत करना धार्मिक परंपराओं के प्रति गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के स्वरूप और उनकी लीलाओं को बिना प्रमाण या बदलाव के प्रदर्शित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने पंचकृत्य यानी सृष्टि, स्थिति, संहार, तिरोधान और अनुग्रह को धार्मिक सिद्धांतों का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि इनसे जुड़ी परंपराओं के प्रति सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।
शंकराचार्य ने भगवान जगन्नाथ और अन्य देवी-देवताओं के कथित परिवर्तित स्वरूपों को दिखाने वाली एनिमेटेड सामग्री के प्रसार पर रोक लगाने की मांग की है।
वहीं, मुक्तिमंडप पंडित सभा ने फिल्म की रिलीज रोकने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णय पर पुनर्विचार की मांग की है। इस विवाद के बाद फिल्म और सीरियल को लेकर धार्मिक, सांस्कृतिक और कानूनी स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।















