नई दिल्ली, 26 अगस्त।
मानसून के मौसम में एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि आईएमए ने स्पष्ट किया है कि स्थिति को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
आईएमए की ओर से जारी परामर्श में बताया गया है कि एच1एन1 के ज्यादातर संक्रमण सामान्य होते हैं और कुछ समय में ठीक हो जाते हैं। इसके बावजूद लोगों को लक्षणों पर नजर रखने और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है।
आईएमए के अनुसार, एच1एन1 संक्रमण में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, शरीर में दर्द, थकान, सिरदर्द और नाक बहने या बंद होने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। बच्चों में इसके साथ उल्टी, मतली या दस्त की शिकायत भी हो सकती है।
चिकित्सकों ने लोगों को बिना सलाह एंटीबायोटिक दवाएं लेने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार एच1एन1 एक वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक दवाएं वायरस पर प्रभावी नहीं होती हैं।
आईएमए ने गंभीर लक्षणों को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा है। सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, होंठ नीले पड़ना, खून वाली खांसी, अत्यधिक कमजोरी या लगातार उल्टी जैसी स्थिति में तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी गई है।
संक्रमण से बचाव के लिए लोगों से हाथों की सफाई रखने, खांसते और छींकते समय मुंह ढकने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने और बीमारी की स्थिति में घर पर आराम करने की अपील की गई है।
दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार राजधानी में एच1एन1 के 2308 मामले सामने आए हैं। वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ने बताया है कि वर्तमान में सामने आए वायरस में किसी नए खतरनाक बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है।















