भोपाल, 27 अगस्त।
मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मुरैना में आसन नदी के तेज बहाव में बहे ग्वालियर के दो युवकों के शव करीब 20 घंटे बाद बरामद किए गए। वहीं, छतरपुर में नदी-नालों के उफान पर आने से स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी। इंदौर में सड़क धंसने से करीब 20 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जबकि आगर-मालवा के नलखेड़ा में सीसी रोड बारिश के पानी में बह गई।
मुरैना के माता बसैया क्षेत्र में भूमिया मंदिर के पास बुधवार को ग्वालियर निवासी इरशाद खान और अशोक मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान दोनों आसन नदी के तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ की टीम ने करीब 20 घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। गुरुवार को दोनों के शव नदी से बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए।
कई जिलों में भारी बारिश दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार, बीते 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। निवाड़ी में 5.8 इंच, आगर-मालवा में 4.1 इंच और दतिया में 4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। निवाड़ी जिले के ओरछा में सबसे अधिक 8.1 इंच बारिश दर्ज हुई।
आगर-मालवा के नलखेड़ा में 6.5 इंच, सुसनेर और दतिया के सेंवढ़ा में 5.3-5.3 इंच, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में 5.2 इंच बारिश हुई। इसके अलावा आगर, दतिया, शाजापुर, टीकमगढ़, नौगांव, शिवपुरी, श्योपुर, सतना और भोपाल सहित कई क्षेत्रों में भी बारिश दर्ज की गई।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर
सतना के चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। राघव प्रयाग घाट पर पानी आरती स्थल तक पहुंच गया है। नगर परिषद ने नाविकों को सतर्क रहने और सुरक्षा उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
घाटों और नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाते हुए एसडीईआरएफ, नगर परिषद और पुलिस बल को तैनात किया गया है। आरोग्य धाम क्षेत्र में मंदाकिनी नदी का जलस्तर 136.640 मीटर दर्ज किया गया है, जो अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 2.96 मीटर नीचे है।
किसानों को मिली राहत की उम्मीद
श्योपुर में देर रात से रुक-रुककर बारिश जारी है। बारिश से धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद जगी है। खेतों में नमी बढ़ने से किसानों को राहत मिली है। वहीं, तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिली है।
टीकमगढ़ और अन्य जिलों में जलभराव
टीकमगढ़ के वृंदावन तालाब की जलकुंभी नहर के रास्ते साईं पुरम कॉलोनी तक पहुंच गई, जिससे पानी निकासी प्रभावित हुई और जलभराव की स्थिति बन गई। कलेक्टर विवेक श्रोतिय और एसपी सुधीर अग्रवाल ने कई क्षेत्रों का निरीक्षण कर हालात का जायजा लिया।
टीकमगढ़ जिले में 24 घंटे के दौरान औसतन 2.6 इंच बारिश दर्ज की गई। पलेरा और मोहनगढ़ में करीब 4 इंच पानी गिरा। बारिश के कारण टीकमगढ़-झांसी हाईवे के पूनौल नाले सहित कई मार्गों पर पानी भर गया। टीकमगढ़-छतरपुर और टीकमगढ़-लिधौरा मार्ग पर भी आवागमन प्रभावित हुआ।
जिले में अब तक 27.6 इंच बारिश हो चुकी है। बान सुजारा बांध 78 प्रतिशत भर चुका है और इसके तीन गेट खोलकर 198 घनमीटर प्रति सेकंड पानी छोड़ा जा रहा है।
उज्जैन में भी पिछले दो दिनों से बारिश का दौर जारी है। जिले में अब तक 601 मिलीमीटर यानी 23.7 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई जिलों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है।















