नई दिल्ली, 27 अगस्त।
भारतीय वायुसेना के एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने कहा है कि पाकिस्तान भारत के एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की स्थिति का पता लगाने के लिए बेहद बेचैन था। इसके लिए उसने जासूसों और स्लीपर सेल को सक्रिय करने की कोशिश की थी।
एयर मार्शल मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भारतीय सीमा से 200 किलोमीटर के दायरे तक भी नहीं पहुंच सके, जिसका बड़ा कारण एस-400 प्रणाली थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान इस प्रणाली को लेकर लगातार जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहा था।
मिश्रा के अनुसार, पाकिस्तान ने एस-400 की लोकेशन पता करने के लिए हर संभव तरीका अपनाया। इसके लिए उसने जासूसी नेटवर्क का इस्तेमाल किया और अन्य देशों से उपग्रहों के जरिए भी सहायता लेने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि जब भी पाकिस्तान ने अपने विमान हवा में भेजे, उन्हें एस-400 प्रणाली ने निशाना बनाया। एयर मार्शल ने बताया कि एस-400 उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई।
रूस में विकसित एस-400 वायु रक्षा प्रणाली को भारत में ‘सुदर्शन चक्र’ के नाम से भी जाना जाता है। यह एक अत्याधुनिक मोबाइल लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है, जो कई तरह के हवाई खतरों से सुरक्षा देने में सक्षम है।
एयर मार्शल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना को पूरी स्वतंत्रता दी गई थी, लेकिन यह स्पष्ट निर्देश था कि आम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत युद्ध को बढ़ावा देने वाला देश नहीं है और केवल आतंकियों तथा उनके सहयोगियों को निशाना बनाया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि एस-400 के जरिए एक कार्रवाई में 314 किलोमीटर दूरी पर लक्ष्य को मार गिराया गया, जिसे उन्होंने सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
भारत और रूस के बीच वर्ष 2018 में पांच एस-400 मिसाइल प्रणालियों की खरीद के लिए 5.43 अरब डॉलर का समझौता हुआ था।















