पूर्व मेदिनीपुर, 27 अगस्त।
बंगाल की खाड़ी में 28 दिनों तक भटकने के बाद आंध्र प्रदेश के आठ मछुआरों को ट्रॉलर समेत सुरक्षित बचा लिया गया। समुद्र के बीच ट्रॉलर का मुख्य इंजन खराब हो जाने और संपर्क व दिशा बताने वाले उपकरण बंद होने के कारण मछुआरे वापस नहीं लौट पा रहे थे।
मछुआरों के अनुसार, वे करीब एक महीने पहले आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र से गहरे समुद्र में मछली पकड़ने के लिए निकले थे। समुद्र में पहुंचने के बाद ट्रॉलर में तकनीकी खराबी आ गई, जिससे इंजन बंद हो गया और संचार व्यवस्था भी ठप हो गई।
दिशा बताने वाला यंत्र काम नहीं करने के कारण ट्रॉलर समुद्र की तेज धार और हवाओं के साथ बहता रहा। सीमित पानी और खाद्य सामग्री के सहारे आठों मछुआरे करीब चार सप्ताह तक समुद्र में फंसे रहे।
बुधवार सुबह दीघा मोहना से मछली पकड़ने निकले स्थानीय मछुआरों ने समुद्र में एक पीले रंग का ट्रॉलर बहता देखा। पास पहुंचने पर उसमें आंध्र प्रदेश के मछुआरे फंसे मिले और ट्रॉलर में खराबी की जानकारी मिली।
स्थानीय मछुआरों ने तुरंत संबंधित विभाग और अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया और दिनभर की कोशिशों के बाद ट्रॉलर को खींचकर दीघा मोहना लाया गया।
ट्रॉलर मिलने के बाद तटरक्षक बल और तटीय पुलिस को भी जानकारी दी गई। गुरुवार सुबह तक सभी आठ मछुआरों को सुरक्षित दीघा पहुंचा दिया गया। उनकी स्वास्थ्य जांच की जा रही है और सभी की हालत ठीक बताई गई है।
करीब 28 दिनों तक समुद्र में फंसे रहने के बाद मछुआरों की सुरक्षित वापसी से उनके परिवारों और मछुआरा समुदाय में राहत का माहौल है।















