चंडीगढ़, 27 अगस्त।
पंजाब सरकार ने राज्य के भीतर नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों पर नकेल कसते हुए एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। अब से पंजाब में नॉन-डेयरी यानी एनालॉग पनीर के निर्माण और उसकी बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किए गए हैं। इन नियमों के तहत राज्यभर में इस प्रकार के पनीर के भंडारण, एक जगह से दूसरी जगह परिवहन और वितरण पर एक साल तक प्रतिबंध रहेगा।
इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया गया है। इसके जरिए डेयरी इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, थोक विक्रेताओं के साथ-साथ होटलों और रेस्टोरेंट में भी औचक निरीक्षण किया जाएगा।
गौरतलब है कि एनालॉग पनीर असली दूध की बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य कृत्रिम चीजों से तैयार किया जाता है। कम लागत और लंबे समय तक सुरक्षित रहने के कारण इसका उपयोग किया जा रहा था जिस पर अब रोक लगा दी गई है।















