जबलपुर, 27 अगस्त।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलती युद्ध तकनीकों के दौर में सेना को लगातार आधुनिक बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन, मिसाइल और साइबर तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बावजूद युद्ध क्षेत्र में टैंकों की भूमिका अभी भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
राजनाथ सिंह गुरुवार को जबलपुर में टी-सीरीज टैंक के 472 करोड़ रुपये के ओव्हरहॉल प्रोजेक्ट के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना इसलिए अहम है, क्योंकि टैंक जमीनी अभियानों में सैनिकों की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य के युद्धों में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक सैन्य संसाधनों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी होगा। सेना के पास ड्रोन जैसी नई तकनीक के साथ आधुनिक टैंक भी होने चाहिए और इसी दिशा में देश आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जबलपुर की यह परियोजना स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ छोटे उद्योगों को भी नई संभावनाएं उपलब्ध कराएगी। इससे जबलपुर रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में नई तकनीक के साथ एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित होगा।
राजनाथ सिंह ने टी-72 और टी-90 टैंकों को भारतीय सेना के लिए बेहद अहम बताते हुए कहा कि ये सीमाओं पर सुरक्षा कवच की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों में हेवी व्हीकल्स फैक्ट्री ने सेना को करीब 4,400 टैंकों की आपूर्ति की है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में इस्तेमाल होने के कारण टैंकों की समय-समय पर मरम्मत और ओव्हरहॉलिंग आवश्यक होती है। वर्तमान में सेना को हर साल करीब 230 टैंकों के ओव्हरहॉल की जरूरत है, जबकि अवाडी में 150 टैंकों की क्षमता उपलब्ध है। जबलपुर में नई सुविधा से 80 टैंकों की कमी को पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड रक्षा क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और संस्था को टी-72 व टी-90 टैंकों के ओव्हरहॉल का 25 वर्षों से अधिक अनुभव है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान गुणवत्ता, नवाचार और उत्पादन क्षमता के नए मानक स्थापित करेगा।
रक्षा मंत्री ने कहा कि आधुनिक युद्ध में तकनीक, सूचना तंत्र, साइबर क्षेत्र और आपूर्ति व्यवस्था की भूमिका बढ़ गई है। भारत अपने रक्षा उपकरणों के लिए विदेशी आपूर्ति पर निर्भरता कम करते हुए देश में निर्माण, मरम्मत, रखरखाव और तकनीकी उन्नयन की क्षमता बढ़ा रहा है।
उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की उद्योग नीतियों और निवेश प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश सरकार द्वारा परियोजना को गति देने के प्रयासों की प्रशंसा की।
एवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सत्यव्रत मुखर्जी ने बताया कि जबलपुर में विकसित होने वाली इस सुविधा से हर साल 80 टैंकों का ओव्हरहॉल किया जा सकेगा। एवीएनएल भारतीय सेना के लिए कई प्रकार के वाहनों का निर्माण कर रहा है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, विधायक अभिलाष मिश्रा और अशोक रोहाणी सहित रक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।















