इस्लामाबाद, 27 अगस्त।
पाकिस्तान ने ईरान के खिलाफ अमेरिका की ओर से लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उसने तेहरान के साथ द्विपक्षीय व्यापार जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वह ईरान के साथ अपने व्यापारिक संबंध बनाए रखेगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को इस्लामाबाद में साप्ताहिक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से एकतरफा कदमों और प्रतिबंधों को मान्यता नहीं देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिबंधों के नकारात्मक प्रभाव होते हैं और विवादों के समाधान के लिए बातचीत तथा कूटनीति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पाकिस्तानी प्रवक्ता का बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ प्रतिबंधों का नया दौर शुरू किया है। अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों और संस्थाओं को सेकेंडरी प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने नए आर्थिक अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि इसका मकसद दुनिया भर में ईरान के वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाना है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के साथ कारोबार करने वाले साझेदार भी अमेरिकी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं।
पाकिस्तान ने ईरान-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव को व्यापक क्षेत्रीय संकट का हिस्सा बताते हुए बातचीत से समाधान निकालने पर जोर दिया है। चीन भी ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अमेरिकी दबाव का विरोध कर चुका है। बीजिंग का कहना है कि ईरान के साथ उसका सामान्य आर्थिक सहयोग अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप है और इसमें बाहरी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति पर भी पाकिस्तान ने सकारात्मक रुख जताया है। अंद्राबी ने उम्मीद जताई कि क्षेत्रीय और कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इस रणनीतिक जलमार्ग से जुड़े विवाद का जल्द समाधान निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अंतिम समाधान मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत पर निर्भर करेगा। पाकिस्तान तनाव कम करने और दोनों पक्षों के बीच संवाद आगे बढ़ाने के लिए अपने संपर्कों का इस्तेमाल कर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां लंबे समय तक तनाव रहने पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
पाकिस्तान ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर के हालिया तेहरान दौरे को लेकर चल रही अटकलों को भी खारिज किया है। अंद्राबी ने इन दावों को गलत बताया कि मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत के तौर पर ईरान गए थे। उन्होंने कहा कि यह यात्रा पाकिस्तान-ईरान द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय शांति के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों का हिस्सा थी।
प्रवक्ता के अनुसार, मुनीर ने तेहरान में ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्थक बातचीत की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय संकट का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने के लिए मित्र देशों और साझेदारों के संपर्क में है।
पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि उसकी मौजूदा कूटनीतिक कोशिशों का लक्ष्य ईरान-अमेरिका गतिरोध कम करना, क्षेत्रीय तनाव घटाना और बातचीत के माध्यम से शांति का रास्ता तलाशना है।















