नई दिल्ली, 27 अगस्त।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात कर प्रदेश की नई औद्योगिक नीति, निवेश योजनाओं और आगामी विधानसभा सत्र सहित कई विषयों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने हरियाणा भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि उन्होंने नई औद्योगिक नीति के संबंध में प्रधानमंत्री को जानकारी दी। उन्होंने अपनी जापान यात्रा के दौरान हरियाणा के लिए आए निवेश प्रस्तावों की जानकारी भी प्रधानमंत्री के साथ साझा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक में एमएसएमई नीति, विधानसभा सत्र और प्रदेश में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि सरकार पिछले 12 वर्षों से इस दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सामान्य से अधिक बारिश के कारण इस बार जलभराव की स्थिति बनी। यमुनानगर के बाद गुरुग्राम में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई।
उन्होंने कहा कि बारिश के बाद पानी की निकासी के लिए तेजी से काम किया गया। नालों की सफाई और गाद हटाने का कार्य कराया गया। जलभराव वाले 99 स्थानों पर वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए नालों के निर्माण के साथ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी की गई है, जिससे जल निकासी व्यवस्था में सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि अरावली क्षेत्र से आने वाले पानी को ध्यान में रखते हुए 74 तालाबों और 12 किलोमीटर लंबी झील को व्यवस्थित किया गया है। इस वर्ष ग्रीन बेल्ट को सड़क से नीचे किया गया, ताकि बारिश का पानी वहां पहुंच सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुग्राम के जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए पानी को नूंह की ओर ले जाकर यमुना तक पहुंचाने की नई परियोजना शुरू की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले मानसून सत्र तक जल निकासी व्यवस्था में और सुधार देखने को मिलेगा।















