इस्लामाबाद, 27 अगस्त।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उजमा खान ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल कर भाई को अस्पताल में स्थानांतरित करने से जुड़े अवमानना मामले पर तत्काल सुनवाई की मांग की है। अदालत ने फिलहाल इस मामले की सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तारीख तय की है।
अर्जी में उजमा खान ने कहा कि जेल में इमरान खान की तबीयत लगातार बिगड़ रही है। उन्होंने उनकी सेहत और जीवन से जुड़े मामले को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त के आदेश को उसकी मूल भावना के अनुरूप लागू नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इमरान खान को मेडिकल जांच और इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने का निर्देश दिया था। उजमा का आरोप है कि इसके बजाय उन्हें पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया।
उन्होंने अदालत से मांग की है कि पूर्व प्रधानमंत्री को उसके निर्देश के अनुसार शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजा जाए और 18 अगस्त के आदेश को तत्काल पूरी तरह लागू कराया जाए। अर्जी में कहा गया है कि न्यायिक आदेश का पालन नहीं करना कानून का जानबूझकर उल्लंघन है।
उजमा ने यह भी कहा कि इमरान खान की गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए मामले की तत्काल सुनवाई में केस तय करने की सामान्य प्रक्रिया बाधा नहीं बननी चाहिए। उनके मुताबिक, रजिस्ट्रार कार्यालय ने 25 अगस्त को तत्काल सुनवाई की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी थी।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से 16 सितंबर के बजाय इससे पहले मामले की सुनवाई तय करने पर पुनर्विचार करने की अपील की है। मामले की सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति शाहिद वहीद, न्यायमूर्ति नईम अख्तर अफगान और न्यायमूर्ति शकील अहमद की तीन सदस्यीय पीठ गठित की गई है।
सरकार की ओर से सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल के बजाय पिम्स ले जाया गया। हालांकि, पिम्स में शिफा अस्पताल के डॉक्टर भी मौजूद रहे थे।
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सत्ता से हटाए जाने के बाद से उन्हें कई कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा है।
संघीय सरकार ने 18 अगस्त के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ अगले ही दिन समीक्षा याचिका दाखिल की थी। रजिस्ट्रार कार्यालय ने आपत्तियां लगाकर इसे वापस कर दिया। इसके बाद इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त ने भी आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की।
पीटीआई ने इमरान खान को शिफा अस्पताल भेजने संबंधी आदेश का पालन नहीं होने पर आपत्ति जताई है। वहीं, सरकार ने पिम्स भेजने के फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह कदम सुरक्षा स्थिति को ध्यान में रखकर उठाया गया था।















