जयपुर, 27 अगस्त।
राजधानी जयपुर में अखिल भारतीय साहित्य परिषद की ओर से पाथेय कण भवन में एक भव्य तुलसी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में शहर के तमाम प्रतिष्ठित साहित्यकार, शिक्षाविद और पत्रकार बड़ी संख्या में शामिल हुए।
समारोह के दौरान वक्ताओं ने गोस्वामी तुलसीदास के महान साहित्य, उनकी अनूठी भक्ति परंपरा और काव्य में निहित लोकमंगल की भावनाओं पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में पारिवारिक मूल्यों को बचाने के लिए उनका साहित्य बेहद प्रासंगिक है।
विद्वानों ने अपने संबोधन में बताया कि तुलसीदास जी ने अपने काव्य के माध्यम से भारतीय संस्कृति की रक्षा करने के साथ-साथ समाज को एक नई दिशा दिखाई है। उनके राम हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया गया तथा शहर के कई गणमान्य लोग इस आयोजन के गवाह बने।















