लखनऊ, 27 अगस्त।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने युवाओं से नशे से दूर रहने और खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी जरिया भी हैं।
अनुप्रिया पटेल गुरुवार को लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में माय भारत की ओर से आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में शामिल हुईं और विद्यार्थियों से संवाद किया।
उन्होंने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने और अपने आसपास के लोगों को भी नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित करने की अपील की।
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि खेलों से युवाओं के व्यक्तित्व का विकास होता है और उनमें टीम भावना, जिम्मेदारी तथा बेहतर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने युवाओं को खेल और शारीरिक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों को ‘विकसित भारत-नशा मुक्त युवा’ की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपने परिवार, शैक्षणिक परिसर तथा समाज को नशे के दुष्प्रभावों से मुक्त बनाने में योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में युवाओं को माय भारत पोर्टल पर चल रहे विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2027 में भाग लेने के लिए प्रेरित किया गया। बताया गया कि यह मंच युवाओं को अपनी प्रतिभा, ज्ञान और नेतृत्व क्षमता दिखाने के साथ विकसित भारत को लेकर अपने विचार रखने का अवसर देता है।
लखनऊ में नौ स्थानों पर हुए कार्यक्रम
लखनऊ में खेलो इंडिया संवाद के तहत गुरुवार को नौ संस्थानों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें बाबू बनारसी दास विश्वविद्यालय, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, महार्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नेशनल पीजी कॉलेज, आरआर इंस्टीट्यूट ऑफ मॉडर्न टेक्नोलॉजी, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और सरस्वती डेंटल कॉलेज शामिल रहे।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने युवाओं के साथ संवाद करते हुए अपने क्रिकेट सफर, संघर्ष और अनुभव साझा किए।
रिंकू सिंह ने युवाओं को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और खेल के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।















