दतिया, 28 अगस्त।
भाई-बहन के प्रेम और विश्वास के प्रतीक रक्षाबंधन पर्व को लेकर दतिया के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। शुक्रवार को मनाए जाने वाले त्योहार से पहले बाजारों में दिनभर चहल-पहल रही। सुबह बारिश के कारण खरीदारी कम रही, लेकिन शाम को मौसम खुलते ही राखी, कपड़े और मिठाई की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बहनों ने भाइयों की कलाई सजाने के लिए आकर्षक राखियों की खरीदारी की। बच्चों में भी अपनी पसंद की राखियां लेने को लेकर खास उत्साह नजर आया। बाजार में धागे, जरी और अलग-अलग डिजाइनों से बनी राखियों की कई वैरायटी उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए मोटू-पतलू, छोटा भीम, बाल गणेश और बाल कृष्ण जैसे कार्टून व धार्मिक पात्रों वाली राखियां विशेष पसंद की जा रही हैं।
दुकानदारों के अनुसार, इस बार राखियों की कीमतों में कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसका असर खरीदारी पर ज्यादा दिखाई नहीं दिया। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही। घरों में भी रक्षाबंधन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
इस वर्ष रक्षाबंधन पर भद्राकाल नहीं होने से बहनों में राखी बांधने को लेकर उत्साह है। पूर्णिमा तिथि सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहने की जानकारी दी गई है। बहनें शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि की कामना करेंगी।
जिला जेल में बहनों की मुलाकात की व्यवस्था
रक्षाबंधन के अवसर पर दतिया जिला जेल में बंदियों को उनकी बहनों से मिलने और टीका लगाने की विशेष व्यवस्था की गई है। जेल मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर 28 अगस्त को बहनों को अपने भाइयों से प्रत्यक्ष मुलाकात की अनुमति दी जाएगी।
जेल उप अधीक्षक ने बताया कि मुलाकात के लिए बहनों के नाम सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद दोपहर 1 से 2 बजे तक पंजीकृत बहनों की बंदियों से मुलाकात कराई जाएगी। तय समय के बाद किसी भी प्रकार का अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।
जेल प्रशासन ने बहनों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। मुलाकात के दौरान मोबाइल फोन, मादक पदार्थ, रुपये-पैसे और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जेल परिसर में ले जाना प्रतिबंधित रहेगा। बाहर से खाद्य सामग्री लाने की अनुमति भी नहीं होगी।
बहनें जेल की कैंटीन से निर्धारित मूल्य पर विशेष किट खरीद सकेंगी। इसमें मिठाई, कुमकुम, अक्षत सहित जरूरी सामग्री उपलब्ध रहेगी। जेल प्रशासन ने सभी से अनुशासन और सहयोग बनाए रखने की अपील की है, ताकि रक्षाबंधन पर मुलाकात की प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो सके।















