काठमांडू, 27 अगस्त।
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ ने बिजली व्यवस्था को बड़ा झटका दिया है। रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के कारण देश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता का करीब 10 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हुआ है। उत्पादन केंद्रों, प्रसारण लाइनों और वितरण ढांचे को हुए नुकसान से बिजली आपूर्ति चुनौतीपूर्ण हो गई है।
बाढ़ के चलते 431.1 मेगावाट क्षमता वाले 12 जलविद्युत केंद्र पूरी तरह बंद हो गए हैं। इसके अलावा निर्माणाधीन 15 जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है, जिनकी कुल क्षमता करीब 470 मेगावाट बताई गई है।
बिजली प्रसारण व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचा है। त्रिशूली 220 केवी 3 बी हब सबस्टेशन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके साथ ही 132, 66 और 220 केवी की कई प्रसारण लाइनें और टावर भी बाढ़ की चपेट में आए हैं। रसुवा जिले में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है, वहीं नुवाकोट, धादिङ और गोरखा के कई क्षेत्रों में विद्युत सेवा प्रभावित हुई है।
ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्री विराज भक्त श्रेष्ठ ने बताया कि नेपाल विद्युत प्राधिकरण मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। अभी तक विद्युत प्रणाली को संभालने में सफलता मिली है, लेकिन बाढ़ से हुए व्यापक नुकसान के कारण आने वाले समय में नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
इस बीच विभिन्न विद्युत परियोजनाओं में काम कर रहे 196 से अधिक कर्मचारी और मजदूरों से संपर्क टूट गया है। उनकी तलाश और बचाव अभियान जारी है।
बिजली सेवा बहाली और राहत कार्यों के लिए नेपाल विद्युत प्राधिकरण के 15 से अधिक वाहन प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं। साथ ही अतिरिक्त बचाव और तकनीकी टीमों को भी तैनात किया गया है।
स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों के सहयोग से वैकल्पिक माध्यमों से बिजली आपूर्ति शुरू करने, क्षतिग्रस्त ढांचे की मरम्मत और लापता कर्मचारियों की खोज का काम किया जा रहा है।
मंत्री श्रेष्ठ ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता फिलहाल लोगों की सुरक्षा, खोज एवं बचाव कार्य और जरूरी विद्युत सेवाओं की बहाली है। इसके साथ ही बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन और तकनीकी जांच भी जारी है।















