पश्चिम बर्दवान, 27 अगस्त।
नेपाल के रास्ते मानसरोवर दर्शन के लिए निकले दुर्गापुर के बामुनाड़ा निवासी अरिंदम और मौसमी गंगोपाध्याय के लापता होने की खबर सामने आई है। परिवार के अनुसार नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद से दोनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि कई बार फोन करने की कोशिश की गई, लेकिन दंपति से कोई बातचीत नहीं हो सकी। बुधवार रात पुलिस गंगोपाध्याय परिवार के घर पहुंची और सदस्यों व पड़ोसियों से जानकारी ली।
पुलिस ने परिवार से कहा है कि अगर किसी भी माध्यम से दंपति से संपर्क होता है तो तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी जाए।
पड़ोसी गौतम अधिकारी ने बताया कि अरिंदम और मौसमी एक ट्रैवल एजेंसी के जरिए नेपाल होते हुए मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुए थे। करीब दो दिन पहले ही उनसे फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद बुधवार को आई बाढ़ की घटना के बाद संपर्क नहीं हो सका।
इसी तरह तारकेश्वर निवासी स्नेहाशिस दत्त के भी नेपाल में फंसे होने की जानकारी सामने आई है। वह 32 लोगों के एक पर्यटक दल के साथ मानसरोवर यात्रा पर गए थे। यह दल 21 अगस्त को रवाना हुआ था और 22 अगस्त को काठमांडू पहुंचा था।
यात्रा की योजना नेपाल के रास्ते चीन में प्रवेश कर मानसरोवर पहुंचने की थी। स्नेहाशिस के परिवार के अनुसार बुधवार को उनसे फोन पर बात हुई थी। उस समय उन्होंने नेपाल-चीन सीमा के पास होने की जानकारी दी थी। इसके बाद अचानक आई बाढ़ के कारण उनसे संपर्क टूट गया।
बताया गया है कि स्नेहाशिस के दल के 30 अन्य सदस्य कोलकाता के रहने वाले हैं। दल में एक टूर मैनेजर जयंत सान्याल भी शामिल हैं।
बुधवार सुबह नेपाल के रसुवा और नुवाकोट जिलों के कुछ हिस्सों में अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। नेपाल पुलिस के अनुसार गुरुवार सुबह तक 162 शव बरामद किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं।
लापता लोगों की संख्या करीब 598 बताई जा रही है, जिनमें कम से कम 133 भारतीय नागरिकों के शामिल होने की जानकारी सरकारी सूत्रों से सामने आई है।
नेपाल में फंसे लोगों और उनके परिजनों की सहायता के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 033-2479 3311 और 9147890181 जारी किए हैं।















