न्यूयॉर्क, 27 अगस्त।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले निलंबित किया गया आयोजक संगठन ‘अहेड’ का एक्स अकाउंट अब दोबारा बहाल हो गया है। संगठन ने अकाउंट बहाल होने की जानकारी देते हुए अपने पोस्ट में लिखा, “हम वापस आ गए हैं।”
‘अहेड’ ने आरोप लगाया कि कुछ विरोधियों ने एक्स के एल्गोरिदम का कथित दुरुपयोग करते हुए बॉट्स की मदद से उसके अकाउंट को ब्लॉक कराने का प्रयास किया था। संगठन ने एक्स और उसकी सहायता टीम का आभार जताते हुए कहा कि अकाउंट तुरंत बहाल कर दिया गया और कथित बॉट्स को हटा दिया गया।
संगठन ने कहा कि अब उसका ध्यान अपने मुख्य उद्देश्य ‘यूनिवर्सल हार्मनी’ और ‘यूनिवर्सल वननेस’ के संदेश को आगे बढ़ाने पर रहेगा। डॉ. मोहन भागवत का कार्यक्रम शनिवार, 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वेयर गार्डन स्थित इंफोसिस थिएटर में आयोजित होना है। इसमें करीब पांच हजार भारतीय-अमेरिकियों के शामिल होने की उम्मीद है।
अकाउंट निलंबित होने के बाद ‘अहेड’ ने कहा था कि उसे लगता है कि यह कार्रवाई संभवतः गलती से हुई थी। सरसंघचालक का अमेरिका दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क अभियान का हिस्सा है। अमेरिका के बाद वे कनाडा और ब्रिटेन भी जाएंगे।
न्यूयॉर्क में होने वाले कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विरोध भी सामने आया है। न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने कार्यक्रम के समर्थन से इनकार किया है। उनसे कार्यक्रम रद्द करने को लेकर सवाल पूछा गया था, जिस पर उन्होंने कहा कि वह रैली का समर्थन नहीं करते। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार शहर प्रशासन के पास है या नहीं, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
कार्यक्रम के विरोध में कुछ संगठनों ने न्यूयॉर्क सिटी हॉल के बाहर प्रदर्शन किया। इनमें ‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’, ‘इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल’ और ‘इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क’ शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने मैडिसन स्क्वेयर गार्डन प्रशासन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग की है।
आयोजक ‘अहेड फोरम’ ने कार्यक्रम के उद्देश्य को पूरी दुनिया को एक साथ लाने से जोड़ा है। उसके अनुसार इसका मुख्य संदेश ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम के जरिए कृत्रिम विभाजन और मतभेदों से ऊपर उठकर आपसी सम्मान, सद्भाव और एकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा।
संघ के अनुसार, भागवत के विदेश दौरे के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं। इनमें भारत, हिंदू समाज और संघ को लेकर मौजूद गलतफहमियों व कथित दुष्प्रचार की पृष्ठभूमि में तथ्य आधारित सकारात्मक दृष्टिकोण रखना, भारतीय ऋषि-मुनियों की परंपरा से मिले ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और वैश्विक एकात्मता के संदेश को विभिन्न देशों तक पहुंचाना तथा विदेशों में रहने वाले हिंदू और भारतीय मूल के लोगों के हितों व अधिकारों को लेकर स्थानीय समाज से संवाद बढ़ाना शामिल है।
दौरे के दौरान भागवत न्यूयॉर्क के कार्यक्रम के अलावा टोरंटो और लंदन में सामुदायिक नेतृत्व से जुड़े आयोजनों में भी हिस्सा लेंगे। संघ ने इसे शताब्दी वर्ष में वैश्विक स्तर पर संपर्क और संवाद बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।
विवाद के बीच अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संस्था हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की है। संस्था ने लोगों से सतर्क रहने, आसपास के माहौल पर नजर रखने और बातचीत के दौरान शालीनता बनाए रखने की अपील की है। फाउंडेशन ने मेयर ममदानी से कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया है।















