कोलकाता, 28 अगस्त।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के वामपंथी छात्र संगठनों पर निशाना साधा। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाए जाने और दिवंगत माओवादी नेता कोटेश्वर राव उर्फ किशनजी के समर्थन में लिखे गए नारों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने ऐसे तत्वों को विश्वविद्यालय से बाहर करने की अपील की।
दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोलकाता की सड़कों पर ‘आजादी’ के नारे सुनकर उन्हें दुख होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश को आजाद हुए कई दशक बीत चुके हैं, ऐसे में इस तरह के नारे लगाने का क्या मतलब है।
अधिकारी ने कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय की दीवारों पर ‘रेड सल्यूट किशनजी’ जैसे नारे लिखे जाते हैं। उन्होंने कहा कि किशनजी भारतीय संविधान में विश्वास नहीं रखते थे। मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के मौके पर लोगों से ऐसे लोगों से छुटकारा पाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने देश के भीतर से राष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश करने वाले लोगों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बाहरी दुश्मनों से निपटने के लिए भारतीय सेना मौजूद है और भारतीय वायुसेना ने भी दुश्मनों को जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि देश के अंदर भी कुछ लोग राष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए ऐसे लोगों से सावधान रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन वह दो अन्य कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे। इनमें दक्षिण कोलकाता के नजरुल मंच और जादवपुर विश्वविद्यालय में होने वाले कार्यक्रम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जादवपुर विश्वविद्यालय में करीब 10 हजार लोग वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण का सामूहिक गायन करेंगे। मुख्यमंत्री ने लोगों से समय मिलने पर इस कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।















