शिमला, 28 अगस्त।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बाहर पुलिस जवानों के धरने से जुड़ी भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में शिमला पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर जिस धरना-प्रदर्शन की जानकारी दी गई थी, ऐसी कोई घटना वास्तव में हुई ही नहीं थी।
पुलिस के अनुसार, कर्मचन्द भाटिया ने अपने फेसबुक खाते पर विधानसभा के बाहर पुलिस जवानों के धरने से संबंधित एक पोस्ट साझा की थी। जांच में पोस्ट में किए गए दावे वास्तविक घटना से संबंधित नहीं पाए गए।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने यह पोस्ट कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एप्लीकेशन की सहायता से तैयार की थी। इसके बाद उसने तैयार पोस्ट को अपने फेसबुक खाते पर डाल दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद शुक्रवार को शिमला की स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और पोस्ट तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि भ्रामक पोस्ट बनाने और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के पीछे आरोपी का उद्देश्य क्या था। मामले में जांच अभी जारी है।
शिमला पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी भी सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। पुलिस गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने के मामलों को गंभीरता से ले रही है। जांच में कानून का उल्लंघन सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।















