भोपाल, 28 अगस्त।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश के किसानों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर आईडी बनाने का अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत सरकारी दल गांव-गांव और किसानों तक पहुंचकर उनकी फार्मर आईडी तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी किसानों से इस डिजिटल पहचान को बनवाने की अपील की है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया के माध्यम से जारी संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में चल रही डिजिटल क्रांति ने बीते वर्षों में डिजिटल पहचान, सुरक्षित भुगतान और लेनदेन के माध्यम से शासन तथा सेवाओं के वितरण की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। डिजिटल तकनीक का विस्तार अब कृषि क्षेत्र में भी तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था के विस्तार से वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित जीवन के लगभग सभी क्षेत्रों में एक मजबूत डिजिटल वातावरण तैयार हुआ है। कृषि क्षेत्र में इसी तरह के बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर डिजिटल कृषि मिशन को व्यापक योजना के रूप में लागू किया जा रहा है।
डिजिटल कृषि मिशन के तहत डिजिटल सार्वजनिक अधोसंरचना तैयार करने, डिजिटल फसल अनुमान सर्वेक्षण लागू करने और केंद्र तथा राज्य सरकारों के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़े शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों में डिजिटल पहल को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर किसान केंद्रित डिजिटल सार्वजनिक अधोसंरचना का विस्तार ग्राम और किसान स्तर तक लगातार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को कृषि से जुड़ी जरूरी जानकारी और विभिन्न सेवाएं समय पर, व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार तथा विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध कराना है।
इसी व्यवस्था के तहत आधार कार्ड की तरह किसानों के लिए फार्मर आईडी शुरू की गई है। यह किसानों की विश्वसनीय डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी। फार्मर आईडी को भूमि अभिलेख, पशुधन स्वामित्व, बोई गई फसल और सरकार से मिलने वाले लाभ सहित किसान से संबंधित विभिन्न आंकड़ों से जोड़ा जाएगा।
सरकार का मानना है कि किसान की अलग डिजिटल पहचान बनने से कृषि क्षेत्र से जुड़ी सेवाओं और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हो सकेगी। इसके माध्यम से किसान से संबंधित अलग-अलग जानकारियों को एक डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
किसान आईडी बनाने और डिजिटल फसल सर्वेक्षण की व्यवस्था का परीक्षण पहले छह राज्यों में पायलट परियोजना के माध्यम से किया गया था। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और तमिलनाडु शामिल थे।
मध्य प्रदेश में अब फार्मर आईडी बनाने का अभियान जारी है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अभियान में सहयोग करते हुए अपनी फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है, ताकि उन्हें कृषि क्षेत्र से जुड़ी डिजिटल सेवाओं और योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।















