काठमांडू, 28 अगस्त।
नेपाल के चितवन जिले में नारायणी नदी से बरामद 233 शवों में अब तक केवल चार की पहचान हो सकी है। जिला पुलिस कार्यालय चितवन के प्रमुख एसपी रामेश्वर पौडेल के अनुसार, पहचान किए गए चार शवों में से तीन को उनके परिजन ले जा चुके हैं। एक शव की पहचान होने के बावजूद संबंधित परिजन विदेश में हैं, इसलिए अभी तक शव उन्हें नहीं सौंपा जा सका है।
बेत्रावती पुलिस चौकी के पुलिस सहायक निरीक्षक रामकाजी पौडेल का शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। नारायणी नदी से मिले शव की पहचान होने के बाद उनके परिवार ने शव प्राप्त किया और देवघाट में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
बेत्रावती पुलिस चौकी में कुल 10 पुलिसकर्मी तैनात थे। बाढ़ के दौरान नौ पुलिसकर्मी सुरक्षित बाहर निकल आए, लेकिन रामकाजी पौडेल लापता हो गए थे। बाद में उनका शव नारायणी नदी में मिला और पहचान होने के बाद परिवार को सौंपा गया।
चितवन में बांके निवासी कविराज चौधरी का शव भी बरामद हुआ है। उनके परिजनों ने शुक्रवार को शव प्राप्त कर लिया। इसके अलावा मकवानपुर निवासी रमेश मगर और रसुवा निवासी भुवन थापा मगर के शव भी चितवन में मिले हैं।
रमेश मगर के परिजन शव ले जा चुके हैं। वहीं भुवन थापा मगर के परिजन विदेश में हैं और उनके शनिवार को नेपाल लौटने की तैयारी है। इसके बाद शव लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
चितवन में अब 230 शव बचे हैं। इनमें से 77 शव अस्पताल के बाहर रखे गए हैं। एसपी पौडेल के अनुसार, अस्पतालों में जगह की कमी के चलते इन शवों को उद्योग वाणिज्य संघ के परिसर में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि शवों को सुरक्षित रखने के लिए वहां बर्फ की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा चितवन में अब तक 62 हाथ, पैर और पंजे भी बरामद हुए हैं। इन्हें भी उद्योग वाणिज्य संघ के परिसर में रखा गया है।
पुलिस के अनुसार, भरतपुर अस्पताल में 158 शव रखे गए हैं। शेष शव नारायणी अस्पताल, नेशनल सिटी अस्पताल और सामुदायिक अस्पताल में रखे गए हैं।
रसुवा में बुधवार सुबह आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नेपाल में मृतकों की संख्या बढ़कर 579 हो गई है। बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और सुरक्षा एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं।















