नई दिल्ली, 28 अगस्त।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को दो वर्षों से मिड डे मील नहीं दिए जाने के मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।
मामले से जुड़ी प्रकाशित खबरों के अनुसार, स्कूल में दोपहर का भोजन नहीं मिलने से परेशान विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत की थी। इसके बाद हुई जांच में सामने आया कि स्कूल के करीब 200 विद्यार्थियों को नियमित रूप से भोजन दिए जाने का गलत रिकॉर्ड दर्ज किया जा रहा था।
जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं और करीब 14 लाख रुपये के कथित गबन का भी पता चला। इसमें रसोइयों को निर्धारित राशि से कम भुगतान करने के साथ प्रधानमंत्री पोषण अभियान के लिए मिले धन के प्रधानाचार्य और अन्य अधिकारियों द्वारा कथित दुरुपयोग की बात सामने आई।















