विदिशा, 28 अगस्त।
मध्य प्रदेश सरकार के वन विभाग ने विदिशा जिले के विदिशा वनमंडल क्षेत्र में आने वाले कागपुर को पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व घोषित कर दिया है। राज्य सरकार ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 36 (क) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है।
वन विभाग के अनुसार अधिसूचना 25 अगस्त को मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशित की गई। कागपुर को पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा मिलने के बाद 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र में वन्य पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण किया जाएगा।
स्थानीय समुदायों से परामर्श के बाद सरकार ने कागपुर क्षेत्र को पक्षी संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना। यह क्षेत्र बेतवा और बाह्य नदियों के बीच स्थित है। यहां एक प्राचीन जलीय संरचना यानी तालाब मौजूद है, जिसके कारण बड़ी संख्या में वन्य पक्षी यहां आते हैं और बसेरा करते हैं।
अधिसूचना के अनुसार प्रस्तावित क्षेत्र के आसपास वनभूमि या जंगल मौजूद नहीं है। ऐसे में यहां रहने वाले वन्य पक्षियों और उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए कागपुर को कंजर्वेशन रिजर्व घोषित करना उचित माना गया। इस फैसले से पक्षियों के साथ उनके आवास और क्षेत्र की जैव विविधता के संरक्षण में मदद मिलेगी।
53.5 हेक्टेयर क्षेत्र संरक्षित
कागपुर पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 0.535 वर्ग किलोमीटर यानी 53.5 हेक्टेयर है। यह क्षेत्र विदिशा जिले की विदिशा तहसील और विदिशा वनमंडल के अंतर्गत आता है। रिजर्व में ग्राम कागपुर के खसरा क्रमांक 125 और 126 की क्रमशः 16.860 और 7.076 हेक्टेयर भूमि शामिल है।
इसके अलावा ग्राम गातला के खसरा क्रमांक 1, 2, 90/1 और 105 की क्रमशः 3.637, 7.357, 6.535 और 12.035 हेक्टेयर भूमि को भी रिजर्व में शामिल किया गया है। इस तरह कुल 53.5 हेक्टेयर क्षेत्र को पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व के दायरे में लिया गया है।
चार दिशाओं से तय की गई सीमा
अधिसूचना में रिजर्व की चारों दिशाओं की सीमाएं भी निर्धारित की गई हैं। उत्तर दिशा में बिंदु क्रमांक 1 से 10 तक कृत्रिम सीमा और खसरा क्रमांक 125, 126 व 105 की उत्तरी सीमा शामिल है। पूर्व दिशा में बिंदु क्रमांक 1 से 22 तक कृत्रिम सीमा और खसरा क्रमांक 105 की पूर्वी सीमा तय की गई है।
दक्षिण दिशा में बिंदु क्रमांक 22 से 31 तक कृत्रिम सीमा तथा खसरा क्रमांक 1, 2 और 90 की दक्षिणी सीमा निर्धारित है। पश्चिम दिशा में बिंदु क्रमांक 31 से वापस 1 तक कृत्रिम सीमा और खसरा क्रमांक 1, 125 व 126 की पश्चिमी सीमा शामिल की गई है।
भौगोलिक निर्देशांक भी दर्ज
रिजर्व की सीमा को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के लिए अधिसूचना में भौगोलिक निर्देशांक भी दर्ज किए गए हैं। उत्तर दिशा के प्रमुख बिंदु का अक्षांश 23°44'45.18" और देशांतर 77°48'24.72" है। पूर्वी बिंदु का अक्षांश 23°44'40.45" और देशांतर 77°49'02.88" दर्ज है।
दक्षिणी बिंदु का अक्षांश 23°44'26.90" और देशांतर 77°48'48.81" है। पश्चिमी बिंदु का अक्षांश 23°44'27.56" और देशांतर 77°48'17.71" दर्ज किया गया है।
पक्षी संरक्षण की दिशा में अहम कदम
कागपुर में मौजूद प्राचीन जलीय संरचना के कारण यहां बड़ी संख्या में वन्य पक्षियों का आवास और बसेरा है। अब कंजर्वेशन रिजर्व का दर्जा मिलने से इन पक्षियों के प्राकृतिक आवास को कानूनी संरक्षण मिलेगा। साथ ही क्षेत्र की जलीय और पर्यावरणीय संरचना को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी।
वन विभाग की अधिसूचना में कागपुर पक्षी कंजर्वेशन रिजर्व, विदिशा का नाम, जिला, भोपाल वन वृत्त, विदिशा वनमंडल, विदिशा तहसील, क्षेत्रफल, सीमाएं और भौगोलिक निर्देशांक दर्ज किए गए हैं। विदिशा जिले में वन्य पक्षियों और जैव विविधता के संरक्षण की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।















