सेंट लुइस, 28 अगस्त।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने गुरुवार को फैबियानो करूआना को शिकस्त देकर ग्रैंड चेस टूर फाइनल का खिताब जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बनने की उपलब्धि हासिल की।
फाइनल के अंतिम दिन प्रज्ञानानंद छह अंकों से पीछे चल रहे थे, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की। दोनों रैपिड बाजियों में जीत दर्ज करने के बाद उन्होंने ब्लिट्ज मुकाबलों में भी दबाव के बीच अपनी बढ़त कायम रखी और 15-13 के स्कोर के साथ खिताब अपने नाम कर लिया।
यह प्रज्ञानानंद के करियर की अब तक की सबसे बड़ी खिताबी उपलब्धि है। इस जीत के साथ उन्हें दो लाख अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि भी मिली।
क्लासिकल मुकाबलों के बाद करूआना के पास छह अंकों की बढ़त थी। प्रज्ञानानंद ने रैपिड और ब्लिट्ज चरण में शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले की तस्वीर बदल दी। पहले क्लासिकल मुकाबले में उन्हें 0-6 से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दूसरा मुकाबला 3-3 की बराबरी पर समाप्त हुआ। इसके बाद उन्होंने दोनों रैपिड मुकाबले जीतकर वापसी की और चार ब्लिट्ज बाजियों में अपनी बढ़त बरकरार रखी।
खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानानंद ने अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उनके अनुसार, विश्व चैंपियनशिप के बाद ग्रैंड चेस टूर परंपरा के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण प्रतियोगिताओं में से एक है।















