धार, 28 अगस्त।
मध्य प्रदेश के धार में ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में शुक्रवार को हिंदू श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया, वहीं परिसर के पीछे खसरा नंबर 612 की भूमि पर मुस्लिम समाज ने जुमे की नमाज अदा की। यह व्यवस्था उच्चतम न्यायालय की अंतरिम व्यवस्था के तहत लागू है। इस दौरान भोजशाला जाने वाले रास्ते पर दरी बिछाकर नमाज की तैयारी की कोशिश हुई, जिसे प्रशासन ने रोक दिया।
जिला प्रशासन ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश के अनुसार भोजशाला से लगी पीछे की खसरा नंबर 612 की भूमि जुमे की नमाज के लिए निर्धारित की है। शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोग इसी स्थान पर नमाज के लिए पहुंचे। दूसरी ओर भोजशाला परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं ने दोपहर 1 से 3 बजे तक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। दोनों स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए भोजशाला और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था।
इस बार खसरा नंबर 612 पर नमाज के लिए पहुंचने वालों की संख्या पिछली बार से अधिक दिखाई दी। निर्धारित जमीन पर जगह कम पड़ने के बाद कुछ लोग लक्कड़ पीठा क्षेत्र की ओर जाने वाले रास्ते पर बरसाती और दरी बिछाने लगे। इसकी सूचना मिलने पर एएसपी विजय डावर मौके पर पहुंचे। उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों को बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देश केवल खसरा नंबर 612 की भूमि पर नमाज के लिए हैं और सड़क पर नमाज की व्यवस्था की अनुमति नहीं है।
मुस्लिम समाज के लोगों ने रास्ते के पास रखी लकड़ियों को हटाने की मांग की। एएसपी ने इस मामले में एसडीएम को आवेदन देने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि रास्ते पर बरसाती बिछाने की अनुमति नहीं है और इस संबंध में पहले हुई बैठक में भी स्थिति स्पष्ट की जा चुकी है। पुलिस की समझाइश के बाद लोगों ने निर्धारित भूमि पर ही नमाज अदा की और किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।
मुस्लिम समाज के लोग दोपहर करीब एक बजे खसरा नंबर 612 पर पहुंचना शुरू हुए और करीब तीन बजे तक नमाज की प्रक्रिया पूरी हो गई। नमाज के बाद लोग भोजशाला के पीछे के रास्ते से राधू टाकीज मार्ग होते हुए कमाल मौलाना दरगाह की ओर रवाना हुए। इस व्यवस्था के चलते भोजशाला के मुख्य मार्ग पर यातायात सामान्य रहा और श्रद्धालुओं को परिसर में आने-जाने में परेशानी नहीं हुई।
दूसरी ओर भोजशाला परिसर में हिंदू श्रद्धालुओं ने भी शांतिपूर्वक हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल हुए। मां वाग्देवी की स्तुति के बाद सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। झांझ, डमरू और शंख की आवाज से परिसर में धार्मिक माहौल बना रहा।
भोजशाला और खसरा नंबर 612 से संबंधित मामले में मुस्लिम समाज की ओर से दायर याचिका पर उच्चतम न्यायालय में अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। दोनों आयोजनों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। भोजशाला सहित धार शहर के प्रमुख स्थानों पर 800 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।















