नई दिल्ली, 28 अगस्त।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी शनिवार से मध्य एशिया के दो देशों, उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। इस दौरान वे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता भी तय की गई है। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सिबी जॉर्ज के अनुसार, सम्मेलन के इतर होने वाली इस बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेता अपने आपसी संबंधों और बहुआयामी सहयोग की व्यापक समीक्षा करेंगे।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के आमंत्रण पर प्रधानमंत्री 29 से 30 अगस्त तक वहां प्रवास करेंगे। इस यात्रा में दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम देने पर चर्चा करेंगे।
ताशकंद प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री मोदी पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके साथ ही वे ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज स्थित महात्मा गांधी केंद्र का दौरा भी करेंगे।
इसके पश्चात, 31 अगस्त को प्रधानमंत्री किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। वहां वे एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ मध्य एशियाई सांस्कृतिक विरासत को समर्पित छठे विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शिरकत करेंगे।
अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहे एससीओ समूह के इस सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ से निपटने की चुनौतियों पर मुख्य रूप से मंथन होगा। इस बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ भी शामिल हो रहे हैं।
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सुरक्षा, संपर्क और अवसरों के विस्तार जैसे भारत के प्राथमिक विषयों को वैश्विक मंच पर मजबूती से रेखांकित करेंगे। भारत साल 2017 से इस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन का पूर्णकालिक सदस्य बना हुआ है।















