यरुशलम, 29 अगस्त।
पूर्वी यरुशलम के भीतर स्थित संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के प्रशिक्षण केंद्र पर इजरायली सैनिकों द्वारा जबरन कब्जा जमाने की गंभीर घटना सामने आई है। इस कार्रवाई के विरोध में यूरोपीय संघ समेत चौदह प्रमुख देशों ने कड़ा रुख अपनाया है और इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया है।
सामने आए संयुक्त बयानों के अनुसार, कलंदिया ट्रेनिंग सेंटर के अंदर इजरायली बलों के घुसने और वहां अपना झंडा फहराने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। दुनिया के तमाम देशों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यूएनआरडब्ल्यूए के परिसरों को कड़े नियमों के तहत पूर्ण सुरक्षा प्राप्त है और इन्हें निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
इन देशों ने मिलकर इजरायली सरकार से यह मांग की है कि वह बिना किसी देरी के एजेंसी के कामकाज में दखल देना बंद करे। इसके साथ ही मानवीय सहायता और शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने की अनुमति देने का भी विशेष आग्रह किया गया है।
उल्लेखनीय है कि यह ऐतिहासिक केंद्र वर्ष 1952 से लगातार फिलिस्तीनी विद्यार्थियों को विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर रहा है। वर्तमान हालात बिगड़ने से यहां अध्ययनरत सैकड़ों छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया है और इस कार्रवाई की चौतरफा तीखी आलोचना हो रही है।















