शिमला, 29 अगस्त।
हिमाचल प्रदेश में कम छात्र संख्या के चलते पिछले तीन वर्षों के दौरान कुल आठ सौ पचासी सरकारी विद्यालयों पर ताला लगा दिया गया है। विधानसभा में साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इनमें अकेले शिमला जिले के दो सौ इकहत्तर स्कूल शामिल हैं, जहां विद्यार्थियों की संख्या न के बराबर थी।
सरकार का दावा है कि इस बड़े कदम का एकमात्र लक्ष्य संसाधनों का सदुपयोग करना और शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है। बंद किए गए इन विद्यालयों में बड़ी संख्या में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के स्कूल शामिल हैं, जहां बच्चे या तो थे ही नहीं या फिर उनकी उपस्थिति अत्यंत न्यूनतम थी।
इस कड़ी में सिर्फ स्कूल बंद ही नहीं किए गए, बल्कि पांच या उससे कम छात्रों वाले छः सौ इकतालीस विद्यालयों का नजदीक के अन्य संस्थानों में विलय भी किया गया है। इसके लिए एक निश्चित दूरी के दायरे को आधार बनाया गया ताकि बच्चों को पढ़ाई में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के पुनर्गठन से शिक्षक और भवनों जैसे संसाधनों का सही इस्तेमाल संभव हो सकेगा। इस प्रकार से राज्यभर में कुल एक हजार पांच सौ छब्बीस सरकारी विद्यालय इस पूरी प्रक्रिया के दायरे में आ चुके हैं।















