बीजिंग, 29 अगस्त।
चीन में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर एक महत्वपूर्ण बदलाव के तहत जनरल झाओ जोंगकी को उनके प्रमुख पदों से हटा दिया गया है। झाओ उस समय चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जब डोकलाम में भारत और चीन के बीच लंबा सैन्य गतिरोध हुआ था और वर्ष 2020 में पूर्वी लद्दाख में तनाव बढ़ा था।
वेस्टर्न थिएटर कमांड चीन के तिब्बत और शिनजियांग क्षेत्रों के साथ भारत से लगने वाली सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालता है। झाओ जोंगकी के कार्यकाल में ही भारत-चीन सीमा पर कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें गलवान से जुड़े सैन्य अभियान को मंजूरी देने वाले अधिकारियों में बताया गया था।
झाओ से चीनी पीपुल्स पॉलिटिकल कंसल्टेटिव कॉन्फ्रेंस की सदस्यता भी वापस ले ली गई है। इसके अलावा उन्हें दो अन्य महत्वपूर्ण पदों से भी हटाया गया है। चीन में हाल के वर्षों में अनुशासन और कानून के गंभीर उल्लंघन के आरोपों को लेकर कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
वर्ष 2017 में डोकलाम क्षेत्र में भारतीय और चीनी सैनिक करीब 72 दिनों तक आमने-सामने रहे थे। उस दौरान झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे। इसके बाद मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच नया गतिरोध शुरू हुआ, जिसकी जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में भी झाओ की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
पूर्वी लद्दाख में शुरू हुआ तनाव अगले महीने गलवान घाटी में हिंसक संघर्ष में बदल गया। खुफिया आकलनों के आधार पर सामने आई रिपोर्टों में कहा गया था कि भारत के खिलाफ गलवान अभियान को झाओ ने मंजूरी दी थी।
मई 2020 के दौरान वास्तविक नियंत्रण रेखा के विभिन्न इलाकों में चीनी सेना ने सैनिकों की तैनाती बढ़ाई थी। इसके बाद 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच गंभीर झड़प हुई। इस संघर्ष में पत्थरों, लोहे की रॉड और अन्य हथियारों का इस्तेमाल हुआ था तथा 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे।















