क्विटो, 29 अगस्त।
इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को एक चीनी कंपनी से रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराते हुए अदालत ने पांच वर्ष की सजा सुनाई है। अदालत के अनुसार, मोरेनो ने एक जलविद्युत परियोजना का ठेका दिलाने में मदद के बदले रिश्वत प्राप्त की थी।
73 वर्षीय मोरेनो अदालत में पेश हुए थे। शारीरिक विकलांगता के कारण चलने में असमर्थ होने पर उन्हें जेल भेजने के बजाय घर में नजरबंद रहकर सजा पूरी करने का आदेश दिया गया है।
मामला उस अवधि से जुड़ा है, जब मोरेनो पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरिया की सरकार में उपराष्ट्रपति थे। अभियोजन पक्ष के मुताबिक वर्ष 2008 से 2018 के बीच सक्रिय एक भ्रष्टाचार नेटवर्क ने चीनी कंपनी सिनोहाइड्रो से संबंधित परियोजना की कुल लागत का करीब चार प्रतिशत कमीशन के रूप में वसूला।
आरोप है कि यह धन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के जरिए सरकारी अधिकारियों तथा मोरेनो समेत अन्य लोगों तक पहुंचाया गया। अदालत ने इस मामले में मोरेनो की पत्नी और बेटी को भी दोषी मानते हुए दोनों को 30-30 महीने की सजा सुनाई है। उनके दो भाइयों और एक जीजा को भी दोषी ठहराया गया है।
अदालत ने सभी दोषियों को कथित रूप से अवैध तरीके से प्राप्त रकम का तीन गुना हिस्सा 90 दिनों के भीतर लौटाने का आदेश भी दिया है।
यह मामला सिनोहाइड्रो कंपनी द्वारा निर्मित कोका कोडो सिंक्लेयर जलविद्युत संयंत्र से संबंधित है। कंपनी ने वर्ष 2010 में करीब दो अरब डॉलर की लागत वाली परियोजना का निर्माण शुरू किया था और 2016 में इसे इक्वाडोर को सौंप दिया गया था। बाद में परियोजना के डिजाइन और निर्माण से जुड़ी कथित खामियों पर सवाल उठे।
लेनिन मोरेनो इक्वाडोर के तीसरे पूर्व राष्ट्रपति हैं, जिन्हें भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में सजा सुनाई गई है। उनके खिलाफ मामला राष्ट्रपति बनने से पहले उपराष्ट्रपति रहने के दौरान कथित रूप से किए गए अपराधों से जुड़ा है।
पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरिया को वर्ष 2020 में ब्राजील की निर्माण कंपनी ओडेब्रेक्ट से जुड़े रिश्वत मामले में आठ वर्ष की सजा सुनाई गई थी। वे कई वर्षों से बेल्जियम में रह रहे हैं और वहीं से मामले का सामना कर रहे हैं।
पूर्व राष्ट्रपति जमिल माहुआद को वर्ष 2014 में सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में आठ वर्ष की सजा मिली थी। पूर्व राष्ट्रपति अब्दाला बुकारम को संगठित अपराध के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें सजा सुनाए जाने का इंतजार है।
मोरेनो राष्ट्रीय राजनीति में वर्ष 2007 में प्रमुख रूप से उभरे, जब वे राफेल कोरिया की सरकार में उपराष्ट्रपति बने। वर्ष 2013 तक इस पद पर रहने के बाद उन्होंने 2017 में राष्ट्रपति चुनाव जीता था। राष्ट्रपति बनने के बाद मोरेनो और कोरिया के बीच राजनीतिक दूरियां बढ़ गईं।















