नई दिल्ली, 29 अगस्त।
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित लाल किला विस्फोट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दायर चार्जशीट पर औपचारिक रूप से संज्ञान ले लिया है।
विशेष न्यायाधीश प्रशांत कुमार की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ सितंबर की तारीख तय की है।
पहले यह मामला पटियाला हाउस अदालत में चल रहा था जिसे बाद में राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था।
एनआईए ने इस मामले में पूर्व में कई पूरक चार्जशीट दाखिल की थीं जिससे कुल आरोपियों की संख्या बढ़कर तेरह हो गई है।
ताजा चार्जशीट में एजेंसी ने जमीर अहमद अहंगर, तुफैल अहमद भट्ट और मुजफ्फर अहमद उर्फ फराज को आरोपी बनाया है जो सभी जम्मू के रहने वाले हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार पिछले साल दस नवंबर को लाल किले के बाहर एक कार में हुए इस भीषण बम धमाके में ग्यारह लोगों की जान चली गई थी।
करीब साढ़े सात हजार पन्नों की इस विस्तृत चार्जशीट में मुख्य साजिशकर्ता उमर उन नबी को भी आरोपी बनाया गया है जिसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
एनआईए ने श्रीनगर से दानिश नामक आरोपी को गिरफ्तार किया था जिसने ड्रोन में तकनीकी बदलाव करने के साथ रॉकेट तैयार करने की साजिश रची थी।
राजनीति विज्ञान में स्नातक रहे दानिश का ब्रेवाश कर उसे आत्मघाती हमलावर बनाने की साजिश रची गई थी और वह फरीदाबाद के एक विश्वविद्यालय में रुका था।
विस्फोट में इस्तेमाल की गई आईटेन कार आमिर रशीद अली के नाम पर रजिस्टर्ड थी जिसकी तहकीकात एजेंसी लगातार कर रही है।















