बेंगलुरु, 29 अगस्त।
दलीप ट्रॉफी में 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपनी गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया है। ईशान किशन की कप्तानी में खेल रही ईस्ट जोन की टीम ने नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रनों से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस जीत में वैभव ने बल्ले से भले ही खास योगदान नहीं दिया, लेकिन अपनी स्पिन गेंदबाजी से दो महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।
नॉर्थ ईस्ट जोन के बल्लेबाजों के खिलाफ जब ईस्ट जोन के गेंदबाज विकेट के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब कप्तान ईशान किशन ने वैभव को गेंद सौंपी। कप्तान इसे जोखिम भरा फैसला मान रहे थे, लेकिन बाएं हाथ के स्पिनर वैभव ने केवल तीन ओवर में 11 रन देकर दो अहम बल्लेबाजों को आउट कर दिया।
मैच के बाद वैभव ने अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प बात साझा की। उन्होंने बताया कि विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, इसलिए उन्हें दो-तीन ओवर गेंदबाजी करने का मौका दिया गया। उनके अनुसार कप्तान को उन्हें गेंदबाजी देना जोखिम लग रहा था, क्योंकि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वैभव विकेट लेने की क्षमता रखते हैं।
वैभव ने बताया कि उन्हें मालूम था कि अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी उन्हें सीमित ओवर ही मिलेंगे, इसलिए उन्होंने अपनी लाइन और लेंथ पर पूरा ध्यान लगाया। पिछले मैच में बल्ले से अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने के कारण वह गेंदबाजी के जरिए टीम के लिए योगदान देकर खुश थे। इस मुकाबले में उन्होंने बल्लेबाजी करते हुए छह गेंदों पर आठ रन बनाए।
दूसरी पारी में वैभव के दो विकेटों ने नॉर्थ ईस्ट जोन की स्थिति और खराब कर दी। टीम का स्कोर 75 रन पर पांच विकेट था, जो जल्द ही 79 रन पर सात विकेट हो गया। वैभव ने पहले किशन लिंगदोह को आउट किया और फिर इमलीवती लेमतुर को विकेटकीपर के हाथों कैच कराया।
ईस्ट जोन ने पहली पारी में 467 रन बनाए थे, जिसके जवाब में नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम केवल 111 रन पर सिमट गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ा। अंत में ईस्ट जोन ने मुकाबला पारी और 210 रनों से जीत लिया। अब रविवार को बेंगलुरु में दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी और ईस्ट जोन का सामना सेंट्रल जोन से होगा।















