नई दिल्ली, 29 अगस्त।
देश में चीनी के भंडार को लेकर सरकार की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि बाजार में मीठे की किसी भी तरह की कोई किल्लत नहीं है।
आम जनता को राहत देने के लिए सरकार द्वारा हर मुमकिन कदम उठाए जा रहे हैं ताकि उचित दामों पर चीनी की लगातार उपलब्धता बनी रहे।
उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक मिलों के स्तर पर चीनी के भाव में हालिया दिनों में करीब बीस फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई है।
इस बड़ी राहत का असर अब सीधे खुदरा बाजारों पर भी साफ दिखने लगा है जहां फुटकर कीमतें भी नीचे आने लगी हैं।
घरेलू बाजार में कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिशों पर रोक लगाने के लिए मंत्रालय ने कई ठोस और एहतियाती कदम अमल में लाए हैं।
देशभर में चीनी के दामों, उसके कुल स्टॉक और एक जगह से दूसरी जगह होने वाली आवाजाही पर सरकार की पैनी नजर बनी हुई है।
व्यवस्था को और बेहतर बनाने का फैसला लेते हुए अगले महीने से पुरानी मासिक कोटा प्रणाली को पूरी तरह से बंद किया जा रहा है।
इसके स्थान पर अब पाक्षिक आधार पर चीनी का नया आवंटन सिस्टम लागू होगा ताकि बाजार में इसकी सप्लाई समय पर सुचारू रूप से पहुंच सके।















