बेंगलुरु, 29 अगस्त।
केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि भारतीय परीक्षण सुविधाओं, गुणवत्ता मानकों और मापदंडों पर दुनिया के अनेक देशों का भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है। राष्ट्रीय परीक्षण गृह ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विश्वसनीय पहचान बनाई है और कई देश भारतीय प्रयोगशालाओं की परीक्षण सेवाओं को स्वीकार कर रहे हैं।
शनिवार को बेंगलुरु में राष्ट्रीय परीक्षण गृह के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करते हुए प्रल्हाद जोशी ने कहा कि संस्थान के प्रति वैश्विक विश्वास बढ़ता जा रहा है। श्रीलंका, दुबई और भूटान समेत कई देशों से परीक्षण के लिए नमूने राष्ट्रीय परीक्षण गृह भेजे जा रहे हैं। यह स्थिति संस्थान की विश्वस्तरीय परीक्षण केंद्र के रूप में बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करती है।
उन्होंने कहा कि देश में विनिर्माण और निर्यात गतिविधियों के तेजी से विस्तार के साथ आधुनिक परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी हो गया है। राष्ट्रीय परीक्षण गृह को उत्पादकों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, नवाचार आधारित उद्यमों और औद्योगिक क्षेत्र को उच्चस्तरीय परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
प्रल्हाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने माप विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। भारतीय मापदंडों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल रही है और अनेक देश उन्हें स्वीकार कर रहे हैं। यह देश की क्षमता, विश्वसनीयता और वैश्विक स्तर पर बढ़ते प्रभाव का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि सौर जल तापक उपकरणों की जांच से लेकर रक्षा उत्पादों के निर्यात और निजी अंतरिक्ष प्रक्षेपण तक भारत की विनिर्माण क्षमता तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे में डिजाइन, उत्पादन और परीक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं के लिए देश के भीतर मजबूत और सक्षम व्यवस्था विकसित करना आवश्यक है।
मंत्री ने कहा कि नए केंद्रों और आधुनिक परीक्षण सुविधाओं के माध्यम से उपभोक्ताओं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, नवाचार आधारित उद्यमों तथा उद्योगों को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जा रहा है। भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और भरोसेमंदी बढ़ाने के लिए शून्य दोष और न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव की अवधारणा के अनुरूप काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विनिर्माण, उद्योग और निर्यात के क्षेत्र में उभरते नए अवसरों के बीच घरेलू परीक्षण क्षमता का विस्तार समय की महत्वपूर्ण जरूरत है। कार्यक्रम में देश के विभिन्न हिस्सों में विकसित कई आधुनिक परीक्षण सुविधाओं को राष्ट्र को समर्पित किया गया। गुणवत्ता और परीक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और विशेषज्ञों को वार्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार देकर सम्मानित भी किया गया।















