कोलकाता, 29 अगस्त।
नेपाल में आई भीषण तबाही के बीच पश्चिम बंगाल के बसीरहाट से गए एक सेवानिवृत्त शिक्षक दंपति के लिए पंद्रह मिनट की देरी वरदान साबित हुई। कचहरीपाड़ा निवासी अनुकूल पोद्दार अपनी पत्नी रेबा के साथ घूमने गए थे, और त्रासदी के बाद से उनका संपर्क टूट गया था जिससे परिवार में कोहराम मचा हुआ था।
शुक्रवार शाम हुई फोन पर बातचीत से यह साफ हुआ कि वाहन पकड़ने में थोड़ी सी देर हो जाने के कारण वे पहली गाड़ी की जगह दूसरी गाड़ी में बैठे, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। उनके साथ सफर कर रहे अन्य लोग भी सुरक्षित हैं, हालांकि इस भयंकर आपदा के मंजर ने उन्हें अंदर से सहमा दिया है।
लापता पर्यटकों की सूची में नाम आने के बाद से चिंतित परिजन अब उनके रविवार तक घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार भी फंसे हुए नागरिकों को वापस लाने में जुटी है, और मोहल्ले के लोग इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं।















