काठमांडू, 30 अगस्त।
नेपाल में जलप्रलय के बाद राहत और बचाव अभियान के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि बाढ़ में लापता प्रत्येक व्यक्ति को बचाने के लिए पूरी कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार उम्मीद की आखिरी किरण तक खोज और बचाव अभियान जारी रखेगी। साथ ही हर प्रभावित व्यक्ति के पुनर्वास का भरोसा देते हुए राहत और पुनर्निर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
शाह ने कहा कि रसुवा, नुवाकोट और धाडिंग के नदी किनारे निचले इलाकों में रहने वाले समुदाय आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। उन्होंने प्रभावित नागरिकों की जान बचाने को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। कठिन इलाकों और खराब मौसम के बीच अभियान चलाकर अब तक 7,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। इनमें अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में फंसे 279 कर्मचारी भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के अनुसार, अभियान में नेपाली सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के 18,708 सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। सैन्य और निजी 16 हेलीकॉप्टर भी अभियान में शामिल हैं। अब तक 236 बचाव अभियान पूरे किए जा चुके हैं। भारत और चीन के अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी जमीनी स्तर पर सहायता कर रहे हैं। जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात अग्रिम पंक्ति के कर्मियों का मनोबल बढ़ाने के लिए दैनिक नाश्ते के भत्ते और प्रोत्साहन राशि में तत्काल बढ़ोतरी की घोषणा की गई है।
शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत कोष में वाणिज्यिक खातों के माध्यम से 5.04 अरब नेपाली रुपये और 18 लाख अमेरिकी डॉलर जमा हुए हैं। इसकी जानकारी आधिकारिक बचाव अनुरोध पोर्टल पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। उन्होंने नागरिकों और दानदाताओं से धोखाधड़ी से बचने के लिए केवल आधिकारिक सरकारी क्यूआर कोड के जरिए सहायता राशि देने की अपील की।
उन्होंने बताया कि नेपाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़ी सहायता मिली है। इसमें विश्व बैंक से 167 मिलियन अमेरिकी डॉलर का रियायती ऋण, एशियाई विकास बैंक से 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अनुदान और 150,000 अमेरिकी डॉलर की तकनीकी सहायता, अमेरिका से 500,000 अमेरिकी डॉलर, ऑस्ट्रेलिया से 1 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से स्विट्जरलैंड से 1 मिलियन स्विस फ्रैंक शामिल हैं।
शाह ने कहा कि भारत ने 57.5 टन आपातकालीन चिकित्सा और मानवीय सहायता सामग्री के साथ 2,000 वायुरोधी शव बैग पहुंचाए हैं। चीन भी इसी तरह की मानवीय सहायता और शव बैग भेज रहा है। नदी के नष्ट हो चुके संपर्क मार्गों को बहाल करने के लिए नेपाल ने बीजिंग से 30 बेली ब्रिज की औपचारिक मांग की है।
प्रधानमंत्री ने पुष्टि की कि आठ जिलों से अब तक 675 शव बरामद किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बचाव अभियान और दीर्घकालीन पुनर्निर्माण के लक्ष्य पूरी तरह हासिल होने तक सरकारी तंत्र पूरी क्षमता के साथ काम करता रहेगा।















