उज्जैन, 31 अगस्त।
विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर की सावन-भादौ मास की सवारियों के क्रम में सोमवार को पांचवीं सवारी पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। अवंतिकानाथ भगवान महाकाल नगर भ्रमण पर निकले और पांच अलग-अलग स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए। सवारी में पहली बार शामिल रोबोट और 84 महादेव की झांकी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बने।
शाम करीब चार बजे भगवान महाकाल की पांचवीं और भादौ मास की पहली सवारी महाकालेश्वर मंदिर से रवाना हुई। सवारी से पहले मंदिर के सभामंडप में प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद बाबा महाकाल को चांदी की पालकी में विराजित किया गया और जय महाकाल के गगनभेदी जयकारों के बीच नगर भ्रमण शुरू हुआ।
मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचते ही पालकी में विराजमान बाबा महाकाल को सशस्त्र पुलिस बल के जवानों ने सलामी दी। सवारी के साथ घुड़सवार पुलिस दल, सशस्त्र पुलिस बल, होमगार्ड, भजन मंडलियां, झांझ मंडलियां और पुलिस बैंड शामिल रहे। प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने भी झांझ-मंजीरे बजाकर सवारी में सहभागिता की। इस दौरान हेलिकॉप्टर से भगवान महाकाल की सवारी पर पुष्पवर्षा की गई।
भगवान महाकाल ने पांच स्वरूपों में नगरवासियों को दर्शन दिए। चांदी की पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिव तांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट के पारंपरिक मुखौटा स्वरूप में भगवान ने नगर भ्रमण किया।
बाबा महाकाल की सवारी महाकाल घाटी, गुदरी, बक्षी बाजार और कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंची। यहां शिप्रा नदी के पवित्र जल से भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। मार्गभर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और भक्त जय महाकाल के जयकारों के साथ दर्शन करते नजर आए।
रामघाट पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पूजन-अर्चन में शामिल हुए। पुजारी आशीष शर्मा ने विधिवत पूजन कराया। मुख्यमंत्री ने भगवान महाकाल की आरती की, जिसके बाद शिप्रा के जल से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
इस बार की सवारी में पहली बार रोबोट को भी शामिल किया गया, जिसने रामघाट पर भजन की धुन पर नृत्य कर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार रोबोट का निर्माण इंदौर की एक निजी कंपनी ने किया है। इसे भीड़ के बीच चलने और किसी प्रकार की अव्यवस्था होने पर स्वतः कंट्रोल रूम को सूचना भेजने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। सवारी में शामिल करने से पहले रोबोट का पूजन भी किया गया।
धार्मिक और सांस्कृतिक रंगों से सजी सवारी में पहली बार 84 महादेव की झांकी भी शामिल की गई, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रही। करीब 1100 बटुकों ने सवारी में सहभागिता की और आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण बना दिया। शहर के विकास कार्यों को दर्शाती झांकियों ने भी सवारी की शोभा बढ़ाई।
सवारी के दौरान मध्य प्रदेश पुलिस के 300 से अधिक जवानों ने पुलिस बैंड के साथ पारंपरिक और भक्तिमय धुनें प्रस्तुत कीं। मंदिर के गेट नंबर-1 और महाकाल चौराहा पर पुलिस बैंड की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया और पूरी नगरी महाकाल की भक्ति में सराबोर नजर आई।















