बिश्केक, 31 अगस्त।
शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने भारत-रूस संबंधों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा सहयोग प्रमुख रूप से शामिल रहे।
यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति पुतिन के वार्षिक ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के लिए एक सप्ताह बाद भारत आने का कार्यक्रम है। दोनों नेताओं के बीच एससीओ सम्मेलन से इतर हुई बातचीत में भारत और रूस के व्यापक द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गई।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी मुलाकात की। बिश्केक में दोनों नेताओं के बीच हुई यह बैठक करीब दो वर्षों के अंतराल के बाद हुई। प्रधानमंत्री ने सम्मेलन के दौरान किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जपारोव और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान से भी द्विपक्षीय बातचीत की।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात से पहले दोनों देशों के बीच हाल में मॉस्को में भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक आयोजित हुई थी। एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों की समीक्षा करने पर जोर दिया।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात की भी संभावना जताई गई, हालांकि दोनों नेताओं के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक की औपचारिक घोषणा नहीं की गई थी।
एससीओ की स्थापना वर्ष 2001 में चीन, रूस और मध्य एशिया के चार देशों ने सुरक्षा सहयोग के मंच के रूप में की थी। समय के साथ संगठन का विस्तार हुआ और इसका प्रभाव भी बढ़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले दो दिवसीय यात्रा पर उज्बेकिस्तान में थे। वहां उन्होंने राष्ट्रपति शवकत मिर्जियोयेव के साथ भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने सभ्यतागत और मजबूत जनसंपर्क संबंधों पर आधारित बताए गए हैं।
एससीओ सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन बिश्केक में आयोजित छठे विश्व घुमंतू खेलों के उद्घाटन समारोह में भी पहुंचे। दोनों नेताओं की मौजूदगी इस आयोजन के दौरान विशेष रूप से चर्चा में रही।















