नुवाकोट, 31 अगस्त।
नेपाल में आई भीषण आकस्मिक बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। इस आपदा में अब तक 794 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,500 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
बचाव दल विशेष रूप से जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे सैकड़ों लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। त्रिशूली-3ए परियोजना समेत कई स्थानों पर सुरंगों में फंसे लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन अब तक अंदर से कोई जवाब नहीं मिला है।
लापता लोगों में बड़ी संख्या जलविद्युत परियोजनाओं के कर्मचारियों की बताई जा रही है। नेपाल के बचाव अभियान में भारत और चीन के विशेषज्ञ भी सहयोग कर रहे हैं। तिब्बत में इस आपदा से 16 लोगों की मौत हुई है और 546 लोग लापता हैं, जहां जीवित बचे लोगों की तलाश जारी है।
नेपाल के सभी आठ प्रभावित जिलों से शव बरामद किए गए हैं। बचावकर्मी समय के खिलाफ संघर्ष करते हुए लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हैं।
त्रिशूली नदी में आई ताजा बाढ़ ने मध्य नेपाल के एक झूला पुल को भी बहा दिया। यह पुल गंडकी प्रांत के गोरखा जिले में गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचौक को पृथ्वी राजमार्ग स्थित चारौदी से जोड़ता था।
करीब तीन घंटे तक चली बाढ़ ने सुबह लगभग साढ़े 11 बजे पुल को बहा दिया। पुल नष्ट होने से गंडकी ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड 7 और 8 के निवासियों का पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क टूट गया है।
इससे पहले 26 अगस्त की विनाशकारी आकस्मिक बाढ़ में काठमांडू से कुछ दूरी पर धावादीघाट का पुल भी बह गया था। इसके बाद स्थानीय लोग घ्यालचौक-चारौदी पुल का वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग कर रहे थे।















