पिथौरागढ़, 31 अगस्त।
भारत और नेपाल ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाने और आपसी समन्वय बढ़ाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के अधिकारियों ने सुरक्षा संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान के साथ मादक पदार्थों और अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया।
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित भारत-नेपाल समन्वय बैठक में पिथौरागढ़ जिले के साथ नेपाल के बैतड़ी और दार्चुला जिलों के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। भारतीय पक्ष का नेतृत्व जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने किया, जबकि नेपाल की ओर से बैतड़ी की मुख्य जिलाधिकारी मीना अर्याल और दार्चुला के मुख्य जिलाधिकारी वर्तराज पौडेल ने प्रतिनिधित्व किया।
बैठक में सीमा पर कार्यरत पुलिस, सशस्त्र सीमा बल, कस्टम तथा अन्य प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर विशेष चर्चा हुई। महत्वपूर्ण सुरक्षा सूचनाओं को समय पर साझा करने, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल जानकारी देने और सीमा पार आने-जाने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच तथा सत्यापन में सहयोग बढ़ाने पर दोनों पक्ष सहमत हुए।
मादक पदार्थों, अवैध सामग्री और वन्य उत्पादों की तस्करी रोकने के लिए संयुक्त समन्वय तंत्र को मजबूत करने पर भी विचार किया गया। आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए दोनों देशों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
सीमावर्ती इलाकों में बाढ़, भूस्खलन और भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना तंत्र विकसित करने पर भी सहमति बनी। अधिकारियों ने आपदा की स्थिति में आवश्यक जानकारी तत्काल साझा करने और जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई।
भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाले झूला पुलों की सुरक्षा, नियमित निगरानी और रखरखाव का विषय भी बैठक में प्रमुखता से उठा। दोनों पक्षों ने सीमा क्षेत्र में आवागमन के लिए महत्वपूर्ण इन ढांचों का सुरक्षित और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
नेपाली अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के संवाद सीमावर्ती क्षेत्रों में विश्वास और सहयोग को मजबूत करते हैं। बैठक के अंत में सीमा सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और जनहित के मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने तथा नियमित रूप से ऐसी बैठकें आयोजित करने पर सहमति बनी।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रहलाद कोंडे, प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्न, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह, उप निदेशक पर्यटन अतुल भंडारी, उपजिलाधिकारी सदर जितेंद्र वर्मा सहित दोनों देशों के संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
भारत-नेपाल समन्वय बैठक में शामिल होने पहुंचे बैतड़ी और दार्चुला के नेपाली प्रशासनिक अधिकारियों ने सोमवार को ऐतिहासिक सौर किले का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने किले के इतिहास, वास्तुकला और पिथौरागढ़ की सांस्कृतिक विरासत की जानकारी ली। अधिकारियों के बीच ऐसे सांस्कृतिक संपर्कों को दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया गया।















