नई दिल्ली, 31 अगस्त।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 17 सितंबर से देशभर में ‘संविधान एवं शरीयत संरक्षण आंदोलन’ शुरू करने की घोषणा की है। बोर्ड ने कहा कि यह अभियान संविधान में विश्वास रखने वाले विभिन्न सामाजिक वर्गों, संगठनों और नागरिक समाज के सहयोग से चलाया जाएगा।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. कासिम रसूल इलियास ने कहा कि भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार, धार्मिक स्वतंत्रता, जीवन और संपत्ति की सुरक्षा, गरिमा एवं सम्मान के साथ कानून के समान अनुप्रयोग की गारंटी प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों के दौरान देश में ऐसी परिस्थितियां सामने आई हैं, जिनमें कमजोर और हाशिए पर रहने वाले वर्गों, विशेष रूप से मुसलमानों को धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्तर पर दबाव, असुरक्षा तथा भेदभावपूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ा है।
डॉ. इलियास ने बताया कि इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने न्यायप्रिय, लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया है। इस अभियान में धार्मिक एवं सामाजिक संगठन, बुद्धिजीवी, अधिवक्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों का सहयोग लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य संवैधानिक सर्वोच्चता, कानून के शासन, न्याय और समानता के सिद्धांतों को मजबूत करना है। इसके साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने पर भी अभियान के माध्यम से जोर दिया जाएगा।
अभियान के तहत एक श्वेत पत्र तैयार करने की योजना बनाई गई है। साथ ही राजधानी दिल्ली में एक बड़ी रैली आयोजित करने की भी घोषणा की गई है। बोर्ड का कहना है कि राष्ट्रव्यापी अभियान के माध्यम से इन मुद्दों पर व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
संवाददाता सम्मेलन में बोर्ड के उपाध्यक्ष सैयद सादतुल्लाह हुसैनी और मौलाना मोहम्मद अली मोहसिन तकवी, महासचिव मौलाना मोहम्मद फज़लुर रहीम मुजद्दिदी सहित जमीअत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद महमूद असद मदनी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मौलाना डॉ. यासीन अली उस्मानी, कार्यकारिणी समिति सदस्य आरिफ मसूद और मौलाना मोहम्मद अबू तालिब रहमानी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।















