ओरछा, 31 अगस्त।
निवाड़ी जिले के ओरछा में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न सत्रों में सरकार की उपलब्धियों और आगामी प्राथमिकताओं को सामने रखा। उन्होंने कांग्रेस पर समाज में वर्ग संघर्ष और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सामाजिक समरसता तथा सबको साथ लेकर विकास की नीति पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 उद्योगों को समर्पित रहा, वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और वर्ष 2027 महिलाओं के सशक्तिकरण एवं कल्याण के लिए समर्पित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पहले मुस्लिम लीग के साथ समझौते किए और केरल में राजनीतिक गठबंधन के सहारे सत्ता तक पहुंची। इसके विपरीत भाजपा सभी वर्गों को साथ लेकर सामाजिक सद्भाव के साथ विकास करने में विश्वास करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर वर्ष को अलग प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। उद्योगों के बाद किसान कल्याण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और अगले वर्ष महिलाओं के उत्थान तथा सशक्तिकरण को केंद्र में रखा जाएगा।
‘संकल्प पत्र के 70 प्रतिशत वादे पूरे’
डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए करीब 70 प्रतिशत वादों को सरकार पूरा कर चुकी है। बाकी संकल्पों को भी अगले विधानसभा चुनाव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने लाड़ली बहना योजना का जिक्र करते हुए कहा कि शुरुआत में कांग्रेस ने इस योजना पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब करीब 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में नियमित रूप से राशि पहुंच रही है। योजना के माध्यम से अब तक महिलाओं के खातों में 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण को सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं रखेगी। महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और आत्मनिर्भर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेडीमेड गारमेंट सहित अन्य क्षेत्रों में महिला रोजगार बढ़ाने के लिए उद्योगों को प्रोत्साहित करने की योजनाओं पर काम चल रहा है।
बजट 4.38 लाख करोड़, बिजली क्षमता 31 हजार मेगावाट
मुख्यमंत्री ने बजट, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति के आंकड़े भी रखे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्य प्रदेश का बजट करीब 22 हजार करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 4.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता करीब 5 हजार मेगावाट से बढ़कर 31 हजार मेगावाट तक पहुंचने की बात भी उन्होंने कही।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की संख्या 1250 से बढ़कर 6250 हो गई है और वर्तमान में 39 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। सरकार इनकी संख्या 50 से अधिक करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। सांदीपनि विद्यालय, पीएम एक्सीलेंस कॉलेज, ग्लोबल स्किल पार्क और आईटीआई के जरिए युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दो साल के भीतर ढाई लाख पदों पर भर्ती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुलिस विभाग में लगभग 18,500 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है, वहीं अलग-अलग विभागों में करीब 85 हजार पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 86 लाख किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
सिंचाई का रकबा 55 लाख हेक्टेयर पहुंचने का दावा
किसान कल्याण वर्ष के तहत मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का विशेष ध्यान किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, बिजली और कृषि उत्पादन पर है। उनके अनुसार कांग्रेस के शासनकाल में प्रदेश में सिंचाई का रकबा लगभग 7.5 लाख हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर करीब 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य, पीएम किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और बिजली संबंधी सुविधाओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के साथ ही दिन के समय बिजली देने की दिशा में भी सरकार कार्य कर रही है।
केन-बेतवा परियोजना से बुंदेलखंड को नई उम्मीद
मुख्यमंत्री ने केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को बुंदेलखंड के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना से सिंचाई, पेयजल, उद्योग और बिजली की सुविधाओं का विस्तार होगा तथा क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की संभावना है। लंबे समय तक बुंदेलखंड पलायन और पिछड़ेपन की समस्याओं से जूझता रहा, लेकिन सरकार अब इस क्षेत्र को समृद्ध बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कर्मचारियों की पदोन्नति समेत सरकार के अन्य निर्णयों का भी उल्लेख किया।
पर्यटन और अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क, विमानन और शहरी अधोसंरचना के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने दतिया, सतना और रीवा में एयरपोर्ट शुरू होने, पर्यटन निगम के लाभ की स्थिति में आने तथा होमस्टे योजना से स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ने का उल्लेख किया।
उन्होंने भोपाल, इंदौर और उज्जैन को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना का जिक्र किया और जबलपुर तथा ग्वालियर को भी इस दिशा में जोड़ने की बात कही। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत 3.62 लाख से अधिक जल संरचनाओं पर काम होने और गौवंश के लिए सहायता राशि बढ़ाने की जानकारी भी दी।
‘सेवा संकल्प अभियान’ की कार्यशाला में बनी रूपरेखा
प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान सेवा संकल्प अभियान को लेकर एक कार्यशाला भी आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की सेवा, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक यह अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में पीपीटी के माध्यम से अभियान के प्रस्तावित कार्यक्रमों और गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई। संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, सरकार की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने और विकसित भारत के संकल्प को जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।















