लारक द्वीप, 31 अगस्त।
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी बलों ने ईरान के लारक द्वीप पर हमला किया है। करीब एक महीने बाद ईरान पर यह पहला अमेरिकी हमला बताया जा रहा है।
अमेरिकी केंद्रीय कमान के अनुसार, अमेरिकी सेना ने होरमुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने में शामिल ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों के खिलाफ सीमित और सटीक कार्रवाई की। इन सुरंगों से समुद्री जहाजों के लिए तत्काल खतरा पैदा हो गया था।
अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई नागरिक नाविकों, वाणिज्यिक जहाजों और वैश्विक व्यापार के निर्बाध आवागमन की सुरक्षा के लिए की गई।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि अमेरिकी हमले में कई सैनिक और नागरिक मारे गए तथा घायल हुए हैं। ईरानी पक्ष ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की बात कही है।
यह ताजा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले अमेरिका और ईरान दोनों ने होरमुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अलग-अलग दावे किए थे। अमेरिकी केंद्रीय कमान ने जलडमरूमध्य को समुद्री सुरंगों से मुक्त और जहाजों की आवाजाही के लिए खुला बताया था।
इसके जवाब में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया था कि जलडमरूमध्य पर उसका निर्णायक नियंत्रण है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा सैन्य तनाव की खबरों के बाद ब्रेंट कच्चे तेल के वायदा भाव में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।















