रायपुर, 31 अगस्त।
देश की आर्थिक मजबूती और रणनीतिक सुरक्षा के लिए क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि भारत लंबे समय तक कई महत्वपूर्ण खनिजों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के तहत इस क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ाए गए हैं।
नवा रायपुर स्थित मेफेयर लेक रिजॉर्ट में खान मंत्रालय द्वारा आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी की आठवीं किश्त के रोड शो में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन महत्वपूर्ण खनिजों की भूमिका वाहनों, इनवर्टर, ई-रिक्शा, जहाजों और आधुनिक रक्षा उपकरणों तक में है। उन्होंने निवेशकों, युवाओं और स्टार्टअप्स से इस क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खनिज संसाधनों का उपयोग करना नहीं है, बल्कि सतत और जिम्मेदार खनन को भी बढ़ावा देना है। इस प्रक्रिया में पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय समुदायों के हितों को प्राथमिकता देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि दुनिया में क्रिटिकल मिनरल्स की मांग लगातार बढ़ रही है और छत्तीसगढ़ के पास अपनी समृद्ध खनिज संपदा तथा मजबूत औद्योगिक आधार के कारण नई संभावनाओं को साकार करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
उन्होंने कहा कि खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की सफलता केवल आवंटन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसका वास्तविक परिणाम अन्वेषण, निवेश, प्रोसेसिंग सुविधाओं के विकास, तकनीकी प्रगति, वैल्यू एडिशन और रोजगार सृजन के रूप में सामने आना चाहिए। खनन और औद्योगिक निवेश के साथ आवास, परिवहन, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं का योजनाबद्ध विस्तार भी आवश्यक है, जिसके लिए सरकार और उद्योग जगत की मजबूत भागीदारी जरूरी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व करीब 400 करोड़ रुपये था। ढाई वर्ष पहले यह लगभग 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचा और अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से प्राप्त राशि का उपयोग प्रदेश के विकास और जनकल्याण के कार्यों में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास के माध्यम से खनन प्रभावित इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसके जरिए स्थानीय लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए भी विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत और निवेशकों से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश आज तेजी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है और पूरे देश की नजर छत्तीसगढ़ की संभावनाओं पर है।
खान मंत्रालय के सचिव केशव चंद्र ने कहा कि भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को नीलामी का अधिकार मिलने के बाद अब तक 88 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जिनमें से 56 ब्लॉक्स की सफल नीलामी हो चुकी है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ की खनिज क्षमता का उल्लेख करते हुए बताया कि देश के पहले लिथियम युक्त खनिज ब्लॉक की नीलामी कटघोरा लिथियम एवं रेयर अर्थ एलिमेंट ब्लॉक से हुई थी। नीलामी की आठवीं किश्त में सात राज्यों के 20 खनिज ब्लॉक्स शामिल हैं, जिनमें से पांच छत्तीसगढ़ में स्थित हैं।
कार्यक्रम में खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव संदीप बसंत कदम सहित केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, खनिज क्षेत्र के निवेशक, उद्योग प्रतिनिधि, विशेषज्ञ और विभिन्न हितधारक मौजूद रहे।















