इंफाल, 31 अगस्त।
मणिपुर के काकचिंग जिले में प्रस्तावित जनगणना के विरोध में निकाले गए मशाल जुलूस के दौरान रविवार रात प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना में कुछ प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें आईं।
वाबगई, हियांगलम और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों ग्रामीण करीब तीन किलोमीटर लंबे मशाल जुलूस में शामिल हुए। प्रदर्शनकारी “नो एनआरसी, नो सेंसस” के नारे लगाते हुए जनगणना कराए जाने का विरोध कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को अद्यतन किया जाए। साथ ही जातीय संघर्ष के कारण विस्थापित हुए लोगों का पुनर्वास करने की मांग भी उठाई गई।
मशाल रैली काकचिंग जिला मुख्यालय की ओर बढ़ रही थी। इसी दौरान पुलिस ने केइराक बांध क्षेत्र के पास प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
बताया गया कि इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित रूप से पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
हंगामे के दौरान कुछ लोगों को मामूली चोटें लगीं। पुलिस ने सात लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं।
हालांकि, हिरासत में लिए गए सभी लोगों को उसी रात बाद में रिहा कर दिया गया। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है।















